20 साल की उम्र में किया डेब्यू, सिनेमा और बना 3300 करोड़ का बिजनेसमैन, फिर मार गया लकवा

मणिरत्नम ने सिनेमा को काफी बेहतरीन फिल्में दी है। हर एक्टर उनके साथ काम करने में सक्षम नहीं हो पता है। लेकिन अगर कोई हीरो उनके साथ में काम कर लेता है तो उसके करियर को एक नई दिशा मिल जाती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिसे मणिरत्नम की फिल्म से काफी पापुलैरिटी हासिल हुई।
दिग्गज अभिनेताओं के साथ किया डेब्यू
दरअसल हम बात कर रहे हैं पॉपुलर बॉम्बे अभिनेता अरविंद स्वामी की। उन्होंने मणि रत्नम की फिल्म से अपना करियर शुरू किया। एक्टर को रजनीकांत और मम्मूटी जैसे सुपरस्टार के साथ में करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। दिग्गज कलाकारों के साथ 20 साल की उम्र में डेब्यू करना उनके लिए इतना आसान नहीं था। अरविंद स्वामी ने जब थलापति फिल्म डेब्यू किया तो वह अर्जुन के किरदार में नजर आए। इस फिल्म को कई सारे अवार्ड भी दिए गए और बाद में अरविंद स्वामी ने लीड रोल में पर्दे पर एंट्री मारी।
मणिरत्नम की फिल्म से हुए पॉपुलर
अरविंद स्वामी ने मणिरत्नम की दो बड़ी राष्ट्रीय हिट फिल्मों साल 1992 में रोज और साल 1995 में बॉम्बे में काम किया। इन फिल्मों से एक्टर काफी पॉप्युलर हो गए और उनको अच्छी खासी सफलता हासिल हुई। बाद में साल 1997 की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म मिनसारा कनवु में काजोल के साथ में वह नजर आए। अगले साल उन्होंने सात रंग के सपने फिल्म में जूही चावला के साथ में बॉलीवुड डेब्यू किया।
अरविंद ने एक वक्त के बाद छोड़ दी फिल्में
लेकिन आपको बता दें कि 90 के दशक के अंत में आकर अरविंद स्वामी की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अपना जादू चलाना बंद कर दिया। एक्टर ने पहले तो कई सारी मुख्य किरदार वाली फिल्मों को छोड़ दिया। जिसमें ऐश्वर्या राय और अनुपम खेर के साथ महेश भट्ट के निर्देशन वाली फिल्म भी शामिल थी। दो अन्य फिल्मों के निर्माण में भी कई वर्ष लग गए और इससे निराश होने के बाद साल 2000 के बाद एक्टर ने फिल्में ही छोड़ दी।
अरविंद स्वामी के साथ घटी दुर्घटना
साल 2000 के दशक के मध्य में अरविंद स्वामी ने अपने पिता का बिजनेस संभाल लिया। लेकिन अचानक से उनके साथ में एक ऐसी दुर्घटना हुई जिसके चलते उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रह गई। इस दुर्घटना के चलते उनके पर आंशिक तौर पर लकवा ग्रस्त हो गए। उनको ठीक होने के लिए 4 से 5 साल लग गए।
कई कंपनियों की की स्थापना
साल 2005 में अरविंद स्वामी ने अपनी सबसे सफल कंपनी की स्थापना की और अपनी चोट से ठीक पहले स्वामी ने भारत में पेरोल प्रोसेसिंग और अस्थाई स्टाफिंग में भी लगी कंपनी टैलेंट मैक्सिमस की स्थापना कर दी थी। रॉकेटरीच जैसी कई मार्केट ट्रैकिंग पोर्टल की माने तो साल 2022 में टैलेंट मैक्सिमस का राजस्व 418 डॉलर मिलियन रहा। साल 2013 में स्वामी को उनके गुरु मणि रत्नम ने कादल के साथ फिल्मों में लौट के लिए मनाया। स्वामी ने फिर लीड रोल के बजाय सपोर्टिंग किरदार में काम करना शुरू किया और अपनी दूसरी पारी में वह सिलेक्टिव हो गए।


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