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Must Read..ब्लॉक बस्टर के बाद ..नहीं चाहिए इस एक्ट्रेस को कोई खान..

By: Prachi Dixit
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हिंदी सिनेमा में ऐसी चुनिंदा एक्ट्रेस होती हैं,जिन्हें सफलता पाने के लिए किसी एक्टर पर निर्भर नहीं होना पड़ता है। प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण  उनमें से एक हैं। अब इस फेहरिस्त में अनुष्का शर्मा का भी नाम शामिल हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण की तरह अनुष्का भी किसी फ़िल्मी बैकग्राउंड से जुड़ी हुई नहीं  हैं।

ऐसा नहीं है कि फ़िल्म परिवार से जुड़े एक्टर या एक्ट्रेस अपने समकालीन एक्टरों से कम मेहनत करते हैं। टॉप की लिस्ट में खुद को शामिल करने से लेकर बरकार रखने तक सभी एक समान  मेहनत करते हैं। फर्क तो सिर्फ इस बात का है फिल्म सपरिवार से जुड़े रहने के कारण उनके लिए हिंदी सिनेमा में कदम रखना आसान हो जाता है। जिसे फिल्म की भाषा में ग्रैंड लांच कहते हैं। यह अवसर उन लोगों को नहीं मिलता जो अपने नाम के पीछे कपूर या खान लगाकर नहीं आते हैं।

अनुष्का शर्मा को भी काफी संघर्ष के बाद आदित्य चोपड़ा की हीरोइन बनने का मौका मिला। रब ने बना दी जोड़ी से उन्होंने शाहरूख खान के साथ पर्दे पर रोमांस किया। फिर क्या, एक बड़ी हिट के साथ उन्होंने खुद का नाम लाइमलाइट में ला दिया।
 
2008 में लांच के बाद 2010 में बैंड बाजा बारात ने उन्हें फिर सफल बना दिया।  अचानक करियर में आए इस बड़े बदलाव को अनुष्का संभाल नहीं पायी। बदमाश कंपनी, लेडीज वर्सेज रिकी बहल ,पटियाला हाउस, मटरू की बिजली का मन डोला के साथ खुद को बैक टू बैक असफल जोन में डालती गयी।
 
2015 में अनुष्का ने बॉम्बे  वेलवेट से एक साल के ब्रेक के बाद वापसी की। वह फिर फ्लॉप हो गयी। 2015 में दिल धड़कने दो और 2016 में सुल्तान उनके करियर की दूसरी सबसे बड़ी हिट फ़िल्म साबित हुई। इस साल वह फिल्लौरी और द रिंग से दस्तक देगी।
 
अनुष्का ने साबित कर दिया कि अब उन्हें किसी खान की जरुरत नहीं है। वह अकेले सुपरहिट होने की काबिलियत रखती हैं। आखिर क्यों और कैसे?

1- फ्लॉपफिल्म पर अनुष्का हिट

1- फ्लॉपफिल्म पर अनुष्का हिट

पहलीडेब्यू फिल्म रब ने बना दी जोड़ी से हीअनुष्का के काम को पसंद किया गया था। बदमाश कपंनी और लेडीज वर्सेज रिकी,बॉम्बे वेलवेट भले ही असफल फिल्म रही।लेकिन अनुष्का के काम की हमेशा सराहना की गई। उन्हें काम हमेशा उनकी फिल्मों के असफलता या सफलता पर नहीं मिला। बल्कि उनकी एक्टिंग पर मिला। इस वजह आज वह खुद के बलबूते बिना किसी स्टार एक्टर के आगे बढ़ रही हैं।

2- सही चुनाव

2- सही चुनाव

कुछ असफल फिल्मों के बाद अनुष्का ने खुद को ब्रेक देना सही समझा। सिनेमा के बदलते हुए दौर को समझा और उसी हिसाब से वह एक साल में चार फिल्में करने से बेहतर एक या दो सही फिल्मों के चुनाव को प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि पीके, दिल धड़कने दो औरऐ दिल है मुश्किल जैसी फिल्में उन्हें लगातार हिट दे रही है।

3- दुर्घटना से देरी भली

3- दुर्घटना से देरी भली

दूसरी एक्ट्रेस से आगे बढ़ने की होड़ में ना शामिल होते हुए उन्होंने सजग होकर अपने करियर के फैसले लेना शुरू किया। कहानी और किरदार परज्यादा फोकस किया। जहां बाकी की एक्ट्रेस का फोकस बिग स्टार की फिल्मों पर रहा। अनुष्का ने बिग स्टार की फिल्मों में अपने किरदार की अहमियत भी तलाशनी शुरू की। फिल्म भले ही आमिर खान या सलमान खान की क्यों ना हो, अनुष्का ने पूरी फिल्म में खुद को बराबर स्क्रीन स्पेस में रखा।

4- बिग बैनर

4- बिग बैनर

आदित्य चोपड़ा के बैनर से लांच होने का मतलब अनुष्का बखूबी समझी थी। गौर करें तो उन्होंने हमेशा नामी बैनर के साथ काम किया है। फिर चाहे वह यश चोपड़ा की जब तक है जान हो या फिर राजकुमार हिरानी की पीके। उनके लिए बैनर भी बहुत मायने रखता है।

5- किरदार पर पैनी नजर

5- किरदार पर पैनी नजर

ग्लैमर को छोड़ उन्होंने उन किरदारों का चयन शुरू से किया है ,जो कि आम लोगों से आसानी से कनेक्ट कर सके। मसलन, फिल्लौरी में भी वह पंजाब की एक साधारण लड़की की भूमिका निभा रही हैं। अनुष्का ने हमेशा उन्हीं किरदारों का चयन किया ,जो कि कहानी के फोकस में हो।

6- सफल निर्माता

6- सफल निर्माता

करियर में बहुत जल्द अनुष्का ने निर्माता बनने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। 2008 में डेब्यू करने के बाद ज्यादा देरी ना करते हुए उन्होंने 2015 में एन एच 10 से उन्होंने निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। इस वजह उन्होंने खुद पर इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का फोकस हमेशा बनाए रखा। फिल्लौरी भी उनके निर्माण कंपनी की दूसरी फिल्म है।

7- रिस्क

7- रिस्क

करियर में कई उतार चढ़ाव देखते हुए अनुष्का ने रिस्क को कभी अनदेखा नहीं किया। एनएच 10 में किसी बड़े स्टार को शामिल ना करते हुए उन्होंने कास्टिंग में खुद को बरकरार रखा। केवल उन्होंने कहानी पर विश्वास किया। यह फिल्म हिट साबित हुई। ठीक ऐसा ही भरोसा उन्हें फिल्लौरी की कहानी पर भी है। उन्हें यह भरोसा है कि अब दर्शकों के बीच स्टोरी बिकती है, स्टार नहीं।

8- परफॉरमेंस

8- परफॉरमेंस

रब ने बना दी जोड़ी और फिल्लौरी की अनुष्का। कहानी और किरदार के लिहाज से एक लंबा सफर तय करके वह यहां तक पहुंची हैं। उन्होंने कभी अपनी परफॉरमेंस पर सवाल खड़ा होने नहीं दिया। वह हर किरदार में परफेक्ट हैं। यही उनके करियर की सबसे बड़ी यूएसपी है। अब उन्हें किसी खान या कपूर की जरुरत नहीं है।

English summary
Why Anushka Sharma not need any Khan's for his Film. Here read full story
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