12 साल की भीख मांगने वाली लड़की बनी सुपरस्टार, तालिबान ने जारी किया सिर कलम का फतवा

अफगानिस्तान की मशहूर अभिनेत्री मरीना गुलबहारी की एक तस्वीर के चलते पूरी जिंदगी तहस-नहस हो गई। दरअसल साल 2001 में जब अफगानिस्तान में दोबारा फिल्में बना शुरू हुई तो सिर्फ 12 साल की उम्र में मरीना उसे समय सड़क पर भीख मांगती थी। एक डायरेक्टर ने उन्हें देखा और अपनी फिल्में लेने का सोच लिया। इस फिल्म का नाम ओसामा था। इस फिल्म के जरिए वह इंटरनेशनल स्टार बन गई।
एक फिल्म से पलटी किस्मत और बन गई इंटरनेशनल स्टार
प्रोड्यूसर सिद्दीक बरमाक एक ऐसे प्रोड्यूसर थे जिन्होंने अफगानिस्तान में ही शूटिंग कर पहली फिल्म ओसामा को साल 2003 में बनाया। उन्हें मरीना पसंद आ गई थी और 12 साल की उम्र में वह उस समय भीख मांग रही थी। इसके बाद सिद्दीक ने मरीना को बताया की फिल्म ओसामा तालिबानी हुकूमत में रहने वाली एक मजबूर लड़की की कहानी होगी। प्रोड्यूसर ने मरीना को इस फिल्म के लिए हर महीने 110 डॉलर देने की बात कर दी थी। मरीना के घर वाले भी पैसों की बात सुनते ही तैयार हो गए क्योंकि उस समय उनके पास आर्थिक तंगी थी। लेकिन अपनी पहली ही फिल्म से मरीना इंटरनेशनल स्टार बन गई थी
सिर ढक कर तस्वीर ना खिंचवाने पर किया गया फतवा जारी
इसके बाद में एक फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने के लिए मरीना साउथ कोरिया गई थी और वहां पर बिना सिर ढके हुए तस्वीर खिंचवाली। इस बात से तालिबानियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मरीना को करने का फतवा जारी कर दिया। यह साल 2015 की बात है। फतवा जारी होने के बाद वह अपने घर नहीं लौटी। दरअसल वह साउथ कोरिया से फ्रांस पहुंची और यहां पर एक कैंप में शरण ले ली। तभी से और आज तक मरीना फ्रांस में एक रिफ्यूजी की तरह रह रही है।
आज भी फ्रांस में रिफ्यूजी बनकर रह रही है मरीना
बता दे कि साल 2015 के 8 साल बाद मरीना इस साल 26 फरवरी से 17 मार्च तक हुए वेसोल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एशियन सिनेमा का हिस्सा भी रही। इस फेस्टिवल का आयोजन फ्रांस में किया गया था। फ्रांस की एक लोकल वेबसाइट estrepublicain.fr की एक रिपोर्ट की माने तो मरीना अभी भी फ्रांस रिफ्यूजी कैंप में ही रहती हैं।


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