इन फिल्मों पर लगा था अश्लीलता फैलाने का आरोप, सेंसर बोर्ड से बैन होने के बाद यूट्यूब पर हुईं रिलीज

इन दोनों ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का चलन काफी ज्यादा चल गया है. जिन्हें दर्शकों द्वारा भी काफी ज्यादा पसंद किया जाता है और आपको बता दें कि बोल्ड फिल्मों के कंटेंट को भी दर्शक काफी ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन आपको बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म आने से पहले ऐसी फिल्मों को सेंसर बोर्ड से पास करवाना मेकर्स के लिए काफी ज्यादा मुश्किल भरा होता था. यहां तक की कुछ ऐसी फिल्में भी रही है जिनको सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया. लेकिन इसके बाद मेकर्स ने अपनी इन फिल्मों को रिलीज करने का एक नया तरीका अपना लिया. लेकिन आज हम जानने वाले हैं कि ऐसी कौन सी फिल्में हैं जिनको सेंसर बोर्ड द्वारा बैन कर दिया गया था.
कामसूत्र 3D
साल 2013 में रिलीज की गई शर्लिन चोपड़ा और आभा पॉल की फिल्म कामसूत्र 3D को सेंसर बोर्ड द्वारा बैन कर दिया गया था. यहां तक की इस फिल्म पर अश्लीलता फैलाने के आप भी लगा दिए गए थे. हालांकि बाद में इस फिल्म को यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया था.
उर्फ़ प्रोफेसर
उर्फ़ प्रोफेसर में शर्मन जोशी और अंतरा माली के साथ-साथ मनोज पाहवा नजर आए थे. बता दे कि इस फिल्म को भी अश्लीलता फहराने के आरोप में सेंसर बोर्ड द्वारा पास नहीं किया गया था. हालांकि बाद में इस फिल्म को यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया था.
द पेंटेड हाउस
द पेंटेड हाउस में एक बूढ़े व्यक्ति को जवान लड़की से इश्क फरमाते हुए देखा गया है और इसमें दोनों को कई सारे बोल्ड सीन भी दिखाए गए हैं. जिस वजह से सेंसर बोर्ड द्वारा इस फिल्म को पास नहीं किया गया था और बाद में इसे यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया.
अनफ्रीडम
अनफ्रीडम फिल्म को साल 2014 में बनाया गया था और आपको बता दें कि यह एक समलैंगिकता पर आधारित फ़िल्म थी. इस फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा पास नहीं किया गया था और बाद में फिल्म को यूट्यूब पर रिलीज किया गया.
एंग्री इंडियन गोडेस
एंग्री इंडियन गोडेस फिल्म में तीन लड़कियों को दर्शाया गया है. बता दें कि इस फिल्म पर भी सेंसर बोर्ड द्वारा बैन लगा दिया गया था. हालांकि बाद में इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया गया था.


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