शोले के 47 साल: 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई थी फिल्म, 3 करोड़ का बजट 1900 करोड़ की कमाई, 25 करोड़ टिकट बिके
अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, धर्मेंद्र, जया प्रदा, संजीव कुमार, अमजद खान स्टारर फिल्म शोले की रिलीज़ को 47 साल पूरे हो चुके हैं। 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई इस फिल्म की गिनती हिंदी सिनेमा की टॉप की फिल्मों में की जाती है। फिल्म को डायरेक्ट किया था रमेश सिप्पी।
शुरूआत में जब शोले रिलीज़ हुई तो दो हफ्तों तक कोई इसे देखने भी नहीं आया। लेकिन फिर धीरे धीरे इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ज़ोर पकड़ना शुरू किया और 3 करोड़ के बजट पर बनी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 15 करोड़ और वर्ल्डवाईड 35 करोड़ की कमाई की।

अगर 2022 के inflation rate के हिसाब से जोड़ कर देखा जाए तो शोले की कमाई लगभग 1882 करोड़ रूपये है। ये फिल्म 25 हफ्तों तक सिनेमाघरों में लगी रही थी। वहीं इस फिल्म ने भारत में 10 करोड़ और वर्ल्डवाईड 25 करोड़ टिकट बेचे थे। जानिए फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।

भारत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर
1975 में रिलीज़ हुई ये फिल्म, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की रिलीज़ से पहले तक भारत की सबसे बड़ी हिट फिल्म कही जाती थी। शोले इसके किरदारों के लिए काफी मशहूर हुई थी। सांभा के छोटे से किरदार तक के लिए मैक मोहन ने 27 बार मुंबई से बैंगलोर की यात्रा की थी। फिल्म की पूरी शूटिंग बैंगलोर में हुई थी।इस फिल्म के लिए धर्मेंद्र ने कोई मेकअप इस्तेमाल नहीं किया था। वहीं बसंती को प्रपोज़ करने के लिए उनका टंकी पर चढ़कर सुसाईड सीन, असली घटना से प्रेरित था। फिल्म की ऐसे कई छोटे छोटे किस्से हैं जो इसे बहुत ही खास बनाते हैं।

सबसे पॉपुलर विलेन बने गब्बर सिंह
फिल्म में सांभा नाम के डाकू का एक ही डायलॉग है लेकिन फिर भी ये एक सीन सिनेमा के इतिसाह में मशहूर हो गया। इस बात से फिल्ममेकर इतने हैरान और उत्साहित हुए कि तुरंत ही सांभा नाम की एक फिल्म का एलान भी कर दिया गया था। बात करें गब्बर सिंह की तो अमजद खान को उनकी आवाज़ की वजह से इस रोल के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था। अमजद खान का किरदार इतना पॉपुलर हो गया था कि उन्होंने एक बिस्किट कंपनी का एड भी किया था। ऐसा करने वाले वो पहले विलेन थे।

हेमा मालिनी के दो दीवाने
फिल्म में धर्मेंद्र, संजीव कुमार का ठाकुर बलदेव सिंह वाला रोल करना चाहते थे। रमेश सिप्पी ने उन्हें समझाया कि अगर वो ऐसा करते हैं तो संजीव कुमार फिर धर्मेंद्र के वीरू का किरदार करेंगे और हीरोइन उनके पास जाएगी। उस वक्त धर्मेंद्र हेमा मालिनी को प्यार में दीवाने हो चुके थे और संजीव कुमार ने हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज़ किया था। धर्मेंद्र, हेमा मालिनी के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे और उन्होंने तुरंत वीरू के किरदार के लिए हां कर दी।

अमिताभ बच्चन को यूं मिला जय का किरदार
अमिताभ बच्चन को रमेश सिप्पी, जय के किरदार के लिए कास्ट नहीं करना चाहते थे। उन्हें सलीम खान के कहने पर ये मौका दिया गया। फिर पूरी टीम ने बैठकर अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी की फिल्म ज़ंजीर देखी और हर किसी को यकीन हो गया कि अमिताभ बच्चन इस किरदार के लिए परफेक्ट रहेंगे। दिलचस्प है कि फिल्म के तीन मुख्य किरदार जय, वीरू और ठाकुर बलदेव सिंह, सलीम खान के असली रिश्तेदारों के नाम हैं। ठाकुर बलदेव सिंह, सलीम खान की पहली पत्नी सलमा खान के पिता का नाम था। वहीं जय - वीरू उनके कॉलेज के दो दोस्त थे।

किसी तरह हुआ मान मनौव्वल
फिल्म में जगदीप का सूरमा भोपाली का किरदार, पूरी फिल्म शूट होने के बाद लिखा गया और शूट किया गया। सलीम जावेद बहुत ही ज़्यादा इस किरदार को फिल्म में रखना चाहते थे। लेकिन जब उन्होंने जगदीप को अप्रोच किया तो जगदीप ने इस किरदार को रिजेक्ट कर दिया। पहला कारण ये था कि फिल्म पूरी हो चुकी थी और जगदीप को असरानी वाले किरदार के लिए अप्रोच नहीं किया गया था जिससे वो नाराज़ थे। दूसरा कारण ये था कि प्रोड्यूसर जीपी ने जगदीश की पिछली फिल्म ब्रह्मचारी की पेमेंट भी पूरी नहीं की थी। सलीम जावेद ने प्राण को भी इस किरदार के लिए अप्रोच करने की सोची लेकिन वो पूरी तरह मन नहीं बना पा रहे थे। आखिरकार, जगदीप ने इस किरदार के लिए हां कर दी।

प्रेगनेंट थीं जया बच्चन
इस फिल्म की शूटिंग के दौरान, जया बच्चन प्रेगनेंट थीं। फिल्म में राधा के लैंप जलाते सीन की शूटिंग करना काफी मुश्किल था। इसे शाम के सूरज ढलने के समय शूट किया जाता था और उस वक्त लाईट बहुत ही तेज़ी से बदलती है। केवल इन सीन को शूट करने में 20 दिन लग गए थे। शूट के दौरान कई बार जया बच्चन खींझ जाती थीं लेकिन रमेश सिप्पी को परफेक्ट शॉट चाहिए था।


Click it and Unblock the Notifications











