110 years of Indian Cinema: कर्ज लेकर बनी थी भारत की पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र', बजट जानकर हैरान रह जाएंगे!

110 years of Indian Cinema: हर सिनेप्रेमियों के लिए आज बेहद खास दिन है। भारतीय सिनेमा ने आज अपने 110 साल पूरे कर लिये हैं। दादासाहेब फाल्के के निर्देशन और प्रोडक्शन में बनी मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' 3 मई 1913 को रिलीज हुई थी। यह भारत की पहली फीचर फिल्म थी।
फाल्के फिल्म्स कंपनी की शुरुआत
दादासाहेब फाल्के को भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है। साल 1911 में बॉम्बे शहर में स्थित अमेरिका-इंडिया पिक्चर पैलेस में एक फिल्म दिखाई गई, जिसका नाम था- द लाइफ ऑफ क्राइस्ट.. इसी फिल्म को देखने के दौरान धुंडिराज गोविंद फाल्के यानि की दादासाहेब फाल्के ने फिल्में बनाने का फैसला लिया था। फरवरी 1912 में, वे फिल्म निर्माण की तकनीक सीखने के लिए दो सप्ताह के लिए लंदन गए और वापसी पर फाल्के फिल्म्स कंपनी की स्थापना की। उन्होंने इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका से फिल्म निर्माण और प्रदर्शनी के लिए आवश्यक हार्डवेयर का इंपोर्ट किया।
3 मई 1913 को हुआ था प्रीमियर
दादासाहेब फाल्के ने लगभग चार रीलों में फिल्म का निर्माण छह महीने और 27 दिनों में पूरा किया। 'राजा हरिश्चंद्र' का प्रीमियर 3 मई, 1913 को मुंबई (तब बॉम्बे) के कोरोनेशन सिनेमा में हुआ था। इस फिल्म की कहानी प्राचीन भारत के एक प्रसिद्ध शासक राजा हरिश्चंद्र की कहानी बताती है, जो अपनी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।
फिल्म का बजट
फाल्के ने अपनी फिल्म के लिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पहले एक शॉर्ट फिल्म अंकुराची वाध (एक मटर के पौधे की वृद्धि) की शूटिंग की। ये तरकीब काम कर गई और उन्हें फिल्म बनाने के लिए एक छोटी रकम लोन के तौर पर मिल गई। इससे पहले वो अपनी पूरी जमा पूंजी फिल्म की तैयारी में खत्म कर चुके थे। बहरहाल, कर्ज लेकर 15 हजार की लागत में फिल्म तैयार हुई।
पुरुष कलाकारों ने ही निभाए थे महिलाओं के किरदार
दादासाहेब फाल्के ने विभिन्न समाचार पत्रों में कलाकारों और क्रू मेंबर्स के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए। लेकिन कोई भी महिला फिल्म में काम करने के लिए उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पुरुष अभिनेताओं ने महिला भूमिकाएं निभाईं। फाल्के फिल्म प्रसंस्करण के साथ-साथ पटकथा, निर्देशन, प्रोडक्शन डिजाइन, मेकअप, फिल्म संपादन के प्रभारी थे। ट्रायम्बक बी. तैलंग ने कैमरा संभाला था।
सुपरहिट रही थी फिल्म
3 मई 1913 को बॉम्बे के कॉरोनेशन सिनेमाहॉल में भारत की पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' रिलीज की गई और यह सुपरहिट साबित हुई। इसी के साथ भारतीय सिनेमा के इतिहास में आज का दिन और दादासाहेब फाल्के का नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया।


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