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    20 साल पहले अगर राज-सिमरन ने नहीं जी होती अपनी ज़िंदगी तो...

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    20 साल पहले रिलीज हुई दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म ने मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमाहॉल में 1000 हफ्ते पूरे कर लिये हैं। फिल्म के किरदार राज और सिमरन 20 साल पहले भी युवाओं के दिलों को धड़कनें पर मजबूर कर देते थे और आज भी ये किरदार युवाओं को सच्ची मोहब्बत के मायने सिखाते हैं। लेकिन जरा सोचिये कि अगर सिमरन के पिताजी ने उस दिन सिमरन का हाथ नहीं छोड़ा होता..

    सोचिये अगर वो सिमरन से ना कहते कि जा सिमरन जी ले अपनी जिंदगी तो..अगर उन्हें यकीन नहीं होता कि राज से ज्यादा प्यार सिमरन को कोई और कर ही नहीं सकता तो क्या होता। अगर सिमरन की ट्रेन छूट जाती..अगर राज सिमरन के घरवालों को मना लेने में कामयाब ना हो पाता तो आज यानी सालों बाद कहां होते राज और सिमरन..कैसी होती उनकी जिंदगी..किस मोड़ पर होती।

    तो आइये शाहरुख खान की ही कुछ फिल्मों को ध्यान में रखकर अनुमान लगाते हैं कि राज और सिमरन की जिंदगी क्या और कैसी होती।

    सिमरन की शादी हो जाती तो कुछ ये होता अंजाम

    सिमरन की शादी हो जाती तो कुछ ये होता अंजाम

    अगर सिमरन की शादी हो जाती तो शाहरुख उन प्रेमियो में से नहीं जो अपनी महबूबा को यूं ही जाने देते। सिमरन को अपना बनाने के लिए राज किसी भी हद तक जाता बिना अंजाम की चिंता किये।

    सिमरन राज दोनों की शादी हो जाती तो कभी ना कहते अलविदा

    सिमरन राज दोनों की शादी हो जाती तो कभी ना कहते अलविदा

    शादी होने के बाद भी मोहब्बत तो मोहब्बत ही रहती। राज को तो वैसे भी ना कहना किसी के बस की बात नहीं। तो अगर उसकी सिमरन की शादी हो जाती और राज की भी हो जाती तो सालों बाद भी उन्हें तो मिलना ही था। और मिलने के बाद वैसे भी राज से दूर जाना भला कौन चाहता है और अगर चाहता भी है तो राज की मोहब्बत कहां उसे जाने देगी।

    सिमरन राज भाग जाते तो होती कभी खुशी कभी गम

    सिमरन राज भाग जाते तो होती कभी खुशी कभी गम

    अगर राज सिमरन के बाबूजी को नहीं मना पाता तो राज और सिमरन को मजबूरन भागना पड़ता। और फिर जिंदगी में कभी खुशी कभी गम आते जाते रहते। फर्क इतना होता कि इस बार सिमरन अपने परिवार से दूर हो जाती।

    वीर जारा बन जाते

    वीर जारा बन जाते

    ये भी हो सकता था कि राज सिमरन को छोड़कर चला जाता और उसके बाद सिमरन भी शादी के मंडप से उठ जाती। राज ये सोचता कि सिमरन की शादी हो चुकी है लेकिन सिमरन जिंदगी भर राज का इंतजार करती रह जाती। फिर अंत में तो वैसे भी दोनों को मिलना ही था।

    एक दूसरे को चाहते जब तक है जान

    एक दूसरे को चाहते जब तक है जान

    राज और सिमरन दोनों एक दूसरे को आखिरी दम तक चाहते रहते और जिंदगी के किसी मोड़ पर इनकी मुलाकात होती राज को उसका प्यार लौटाने कोई ना कोई तो लौटता।

    सिमरन की याद में राज बन जाता देवदास

    सिमरन की याद में राज बन जाता देवदास

    सिमरन को छोड़कर राज तो किसी और का हो नहीं पाता। लेकिन सिमरन अगर अपनी मां की ये बात मान लेती कि सपने तो देखे लेकिन उनके सच होने की शर्त ना रखो तो शायद वो जरुर शादी कर लेती। और फिर होता क्या यही कि राज जिंदगी भर देवदास बनकर रह जाता और सिमरन के दरवाजे पर जाकर अपने दिल के साथ अपनी जान भी हार बैठता।

    मरकर भी जिंदा रहतीं राज सिमरन की मोहब्बतें

    मरकर भी जिंदा रहतीं राज सिमरन की मोहब्बतें

    अगर सिमरन के बाबूजी अमिताभ बच्चन की तरह परिवर्तन के खिलाफ होते तो सिमरन को मजबूरन अपनी जान देनी पड़ती। राज फिर भी जिंदगी भर सिमरन की याद में दूसरों की मोहब्बतों को जिंदा करता रहता और इसी बहाने राज और सिमरन की मोहब्बत भी जिंदा रहती।

    English summary
    Shahrukh Khan and Kajol starer DDLJ completed 1000 weeks. DDLJ cast is celebrating this occasion on grand scale. But think if Raj and Simran were not able to live their life 20 years ago what would have happened to their love story.
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