After Marriage- राज-सिमरन चलते चलते कहते हम तुम्हारे हैं सनम
चलती हुई ट्रेन..राज का ट्रेन पर अपने पिता के साथ चढ़ जाना और सिमरन का स्टेशन पर खड़े रहना। ट्रेन चल पड़ी लेकिन सिमरन वहीं खड़ी है क्योंकि उसके बाबूजी ने उसका हाथ पकड़ रखा है। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी और अचानक ही बाबूजी ने सिमरन का हाथ छोड़ दिया। और कहा..जा सिमरन जी ले अपनी जिंदगी। इस लडके से ज्यादा तुझे प्यार और कोई नहीं कर सकता। बस फिर क्या सिमरन ने दौड़ना शुरु किया और राज ने हाथ आगे बढा़कर सिमरन को गले से लगा लिया। दिलवाले दुल्हनिया ले गये।
लेकिन बात यहीं पर तो खत्म नहीं होती। दिलवाले दुल्हनिया तो ले गये हर बार ले जाते हैं लेकिन क्या उस दुल्हनिया को ले जाने के बाद उनकी बाकी जिंदगी उतनी ही प्यार भरी रहती है। क्या फिल्मों के अंत में दिखाया जाना वाला स्टेटमेंट हैप्पी एवर आफ्टर सच होता है। भला ये कैसे पता चले। निर्दशक तो बस प्यार करने वालों को मिलाकर फिल्में खत्म कर देते हैं।
तो आइये शाहरुख की ही फिल्मों व उनके किरदारों से जानते हैं कि 20 साल पहले वो जिस दुल्हिनया को लेकर गये थे उसे वो कितने प्यार से रखते।


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