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#BOOKED: अब सलमान खान किस मुंह से कहेंगे ईद मुबारक?

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बाहुबली 2 एक तरफ धमाकेदार कमाई कर रही है तो दूसरी तरफ बॉलीवुड को शर्मिंदा करते हुए फिल्म ने सीधा सलमान से लेकर अक्षय कुमार तक पर ज़ोरदार तमाचा मार दिया है। कारण ये नहीं कि फिल्म ने 1000 करोड़ कमा लिए है। कारण है इन सुपरस्टार्स की फिल्मों की बुकिंग।

दरअसल बॉलीवुड में एक अजीब सा पैटर्न है। साल के 52 शुक्रवार में से ईद सलमान के नाम है, तो रिपब्लिक डे, इंडिपेंडेंस डे अक्षय कुमार के नाम। दीवाली पर शाहरूख, अजय या ऋतिक आ जाते हैं तो क्रिसमस पर आमिर का दबदबा है।

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इन सबके बीच फंस जाते हैं बेचारे नए स्टार्स और उनकी फिल्में। राजकुमार राव, रणबीर कपूर, सुशांत सिंह राजपूत कुछ ऐसा टैलेंट हैं जिन्हें उबरने का मौका कम मिल पाता है। लेकिन बाहुबली ने साबित कर दिया कि ये सब वहम।

बिना किसी त्योहार के, बिना किसी छुट्टी के रिलीज़ होने के बावजूद फिल्म ने ऐसी कमाई की कि सलमान खान का ईद का चांद देखता रह गया और शाहरूख के दीवाली के पटाखे फुस्स हो गए। वहीं आमिर का क्रिसमस केक भी फीका ही रह गया।

ज़ाहिर सी बात है कि बाहुबली ने साबित किया कि स्टारडम अच्छी फिल्मों से नहीं आता बल्कि कंटेंट से आता है। वहीं अब तो बॉलीवुड के बड़े स्टार्स को चाहिए कि थोड़ी शर्म करते हुए ये बड़ी डेट्स आने वाली पीढ़ियों को दे जिससे उनकी जगह बन सके।

वैसे जानिए बॉलीवुड को बाहुबली से क्या क्या सीखने की ज़रूरत है -

बाहुबली ने दिखाया आईना!

बाहुबली ने दिखाया आईना!

हर कोई बाहुबली के बॉक्स ऑफिस पर बात कर रहा है। कोई फिल्म के कंटेंट पर बात क्यों नहीं कर रहा, जिसकी वजह से फिल्म चली। गौरतलब है कि 1000 करोड़ कमाकर बाहुबली भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है लेकिन सूत्रों की मानें तो बॉलीवुड को अब इस बात से दिक्कत हो रही है और ज़ाहिर सी बात है कि बाहुबली की सफलता चुभेगी ज़रूर।

ओरिजिनल फिल्में कम

ओरिजिनल फिल्में कम

बॉलीवु़ड में जो भी कंटेंट सुपरहिट हो जाता है, वो ओरिजिनल कम होता है। थोडा इधर से और थोड़ा उधर से लेकर बनाया गया होता है। ऐसे में कंटेंट अगर ठीक तरह से भारतीय सिनेमा के मायनों पर नहीं खरा उतरा तो लोग देखते हैं पर ब्लॉकबस्टर नहीं हो पाता।

बहुत ज़्यादा मसाला

बहुत ज़्यादा मसाला

हमारे यहां अगर मसाला फिल्मों का प्रचलन है तो कुछ ज़्यादा ही प्रचलन हो जाता है। एक के बाद एक धड़ाधड़ वैसी ही फिल्में बनने लग जाती हैं। वहीं अगर कोई मसाला फिल्म बनती भी है तो फिर उसमें इतना मसाला डाल दिया जाता है कि हज़म ही ना हो!

 उम्र के हिसाब से रोल

उम्र के हिसाब से रोल

दिक्कत ये भी है कि बॉलीवुड के दर्शकों को यकीन दिला दिया गया है कि हीरो तो बस पांच या छह हैं। तीन खान, एक अक्षय , एक अजय और बचे कुचे ऋतिक। यानि कि 40 - 50 साल के हीरो ही रोमांस भी करेंगे चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए। वो भी 20 साल की लड़कियों से।

 नाचने गाने वाली हीरोइनें

नाचने गाने वाली हीरोइनें

कभी ध्यान दिया है। हर फिल्म में हीरो तय हो जाता है, शूटिंग शुरू हो जाती है औऱ फिर देर सबेर एक हीरोइन आ जाती है। क्योंकि हीरोइन कौन है, इससे कम ही फिल्मों को ज़्यादा फर्क पड़़ता है। और हीरोइनों का रोल नाचने गाने तक ही सीमित रह जाता है।

कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

बॉलीवुड में ध्यान फिल्मों पर थोड़ा कम और मार्केंटिंग में काफी ज़्यादा रहता है। फिल्म बनाने से पहले ही उसके बॉक्स ऑफिस पर बात होने लगती है। ये सारी चीज़ें फिल्म की लाइफ तय करती हैं। यही कारण है कि हमारे यहां बमुश्किल फिल्में 10 से 12 दिन ही चल पाती हैं।

प्लान किया गया सीक्वल

प्लान किया गया सीक्वल

हमारे यहां फिल्म की बॉक्स ऑफिस सक्सेस के बाद उसका सीक्वल प्लान होता है जो कि सही तरीका तो बिल्कुल नहीं है। बाहुबली आने पर ही सबको पता था कि फिल्म दो पार्ट में है। वहीं यहां अगर फिल्म चल गई तो सीक्वल बनता है और फिर सीक्वल सीक्वल जैसा कुछ नहीं रहता है।

 समय लेकर बनाई गई फिल्म

समय लेकर बनाई गई फिल्म

हमारे यहां फिल्में समय लेकर और अच्छे प्लान कर बनाने वाले डायरेक्टर बहुत ही कम हैं। बॉलीवुड में फिल्म साइन होती है और फिर फटाफट बना दी जाती है। हालांकि रिसर्च और कहानी में भी समय लगाया जाता है लेकिन पांच साल शायद ही किसी फिल्म को बनाया जाता है।

 आज तक कोई लीक नहीं

आज तक कोई लीक नहीं

बाहुबली 5 सालों से बन रही है लेकिन आज तक फिल्म का कोई भी सीन या तस्वीर लीक नहीं हुई है। और इसका कारण है कि इस इंडस्ट्री में लोग अपने काम के प्रति ज़िम्मेदार भी हैं, ईमानदार भी और समझदार भी।

स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

हमारे यहां की तरह साउथ में स्टार्स की फीस आसमान नहीं छूती। एक लिमिट में रहकर ही फीस तय की जाती है जिससे ज़्यादातर फायदा फिल्म को ही मिलता है। वैसे सिवागामी के लिए रम्या ने 2.5 करोड़ की फीस ली जबकि श्रीदेवी ने 6 करोड़ की डिमांड की थी।

 स्टारडम नहीं फिल्म

स्टारडम नहीं फिल्म

बाहुबली ने ये भी साबित कर दिया कि स्टारडम नहीं, फिल्में चलनी चाहिए। हमारे यहां फिल्में स्टारडम के नाम से चलती हैं। जिस दिन ये बंद हो जाएगा उस दिन शायद बॉलीवुड के पास भी एक बाहुबली होगी।

English summary
Baahubali breaks all festival records - Salman Khan's Eid or Aamir Khan's christmas.
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