डायरेक्टर को मिली राहत...अब कोई नहीं रोक सकता इनकी 'गांधीगिरी' को!
ओमपुरी स्टारर फिल्म गांधीगिरी के डायरेक्टर को आखिरकार राहत मिल गई है। उनके नाम पोस्टर में नहीं लिखे गए थे और अब अदालत ने नाम के साथ फिल्म रिलीज करने की बातत कही है
ओमपुरी के अभिनय से सजी 21 अक्टबूर को रिलीज होने वाली फिल्म गांधीगिरी विवादों में घिर गई है। फिल्म के डारेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की अपील की थी क्योंकि उनका नाम बतौर निर्देशक फिल्म के ट्रेलर और पोस्टर में नहीं है। अपने हक़ की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने अदालत से अपील की थी और बकौल सनोज मिश्रा तमाम अग्रीमेंट और सबूत देखने के बाद अदालत ने कहा है कि यह फिल्म उसी शर्त पर रिलीज की जा सकती है यदि सनोज मिश्रा का नाम बतौर लेखक निर्देशक दिया जाये।

उन्होंने इस मौके पर कहा कि 2009 में मैंने इस फिल्म का मुहूर्त किया था।और अब पोस्टर पर अपना नाम न देखकर मुझे बड़ी निराशा भी हो रही है और गुस्सा भी।खैर मुझे अदालत के फैसले पर यकीन हैI यूपी के रहने वाले सनोज मिश्रा इससे पहले कई भोजपुरी फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
शायद यह भी एक वजह हो कि निर्माता एक भोजपुरी डायरेक्टर का नाम हिंदी फिल्म से न जोड़ना चाहते हों इस पर सनोज बड़े जज़्बाती लहजे में कहते है कि हा यह सच है कि मैंने भोजपुरी फिल्मे डायरेक्ट की है लेकिन इसमें भला मेरा क्या कसूर है? कुछ लोगो ने समझ रखा है कि हर भोजपुरी निर्देशक अनपढ़ और गंवार होता है हर भोजपुरी फिल्म वल्गर होती है हालाँकि सच्चाई यह नहीं है।
सनोज ने यह भी बताया कि उन्हें धमकिया भी मिल रही है।इतना ही नहीं इंसाफ पाने के लिए सनोज ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखने की बात कही है।दर्जनो भोजपुरी फिल्में बनाने के बाद गांधिगिरी से सनोज हिंदी सिनेमा में बड़ा कदम रखने जा रहे थे लेकिन ठीक फिल्म की रिलीज़ के समय क्रेडिट न मिलने से वो विचलित है।
दरअसल सनोज की फिल्म 'गांधीगिरी' पहले 14 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी अब 21 अक्टूबर बताया जा रहा है।मगर सनोज का कहना है कि अब निर्माता को मेरे नाम के साथ फिल्म रिलीज करनी पड़ेगी।सनोज अपनी बरसों की मेहनत पर यूं पानी फिरते हुए देख कर बड़े दुखी और चिंतित थे इसलिए उन्होंने कोर्ट में जाने का फैसला किया।


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