Bihar Election 2025: खेसारी लाल यादव vs मैथिली ठाकुर, पैसा कमाने के मामले में कौन है कितना आगे, रह जाएंगे दंग!

Khesari Lal Yadav Vs Maithili Thakur Networth: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार सियासी खेल और भी दिलचस्प हो गया है। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से कई बड़े सितारे मैदान में उतर चुके हैं। एक तरफ हैं भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और दूसरी तरफ हैं- लोकगायिका मैथिली ठाकुर।
खेसारी लाल यादव RJD के टिकट पर छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि मैथिली ठाकुर BJP की ओर से अलीनगर सीट से मैदान में हैं। दोनों कलाकार अब तक अपनी गायकी और फैन फॉलोइंग के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब उनकी लोकप्रियता और प्रॉपर्टी का असली टेस्ट राजनीतिक मैदान में होगा।
खेसारी लाल यादव की प्रॉपर्टी
राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे खेसारी लाल यादव की कुल संपत्ति 16 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। उनकी कमाई का मुख्य स्त्रोत सिंगिंग और एक्टिंग है। पिछले साल उनकी कमाई 73 लाख रुपए थी। मैट्रिक पास खेसारी लाल यादव के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा भी दर्ज है।
मैथिली ठाकुर की प्रॉपर्टी
BJP की उम्मीदवार मैथिली ठाकुर की कुल संपत्ति लगभग 2 करोड़ 32 लाख रुपये है। उनके पास 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन और 1.8 लाख रुपये से ज्यादा नकद भी है। पिछले साल उन्होंने लगभग 28.67 लाख रुपये की इनकम की। उनकी कमाई के अहम स्त्रोत सिंगिंग और पब्लिक परफॉर्मेंस है। मैथिली ठाकुर अपनी स्वच्छ छवि और पारंपरिक संगीत के जरिए मतदाताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
नेटवर्थ का कंपैरिजन
संपत्ति के मामले में खेसारी लाल यादव मैथिली ठाकुर से लगभग 8 गुना अमीर हैं। खेसारी की कुल संपत्ति 16.89 करोड़ रुपये है, जबकि मैथिली ठाकुर की कुल संपत्ति लगभग 2.32 करोड़ रुपये है। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में लंबे करियर ने खेसारी को फाइनेंशियल तौर पर मजबूत बनाया है। वहीं, मैथिली ठाकुर ने अपनी गायकी और कल्चरल प्रोग्राम से अपनी प्रॉपर्टी बनाई है।
चुनावी असर और फैन फॉलोइंग
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों स्टार उम्मीदवारों की फैन फॉलोइंग उनके चुनावी प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा सकती है। जहां एक तरफ खेसारी लाल यादव भोजपुरी बेल्ट में अपनी लोकप्रियता के कारण मजबूत जन-अपील रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ मैथिली ठाकुर ट्रेडिशनल और साफ-सुथरी छवि के जरिए मतदाताओं को आकर्षित कर रही हैं। चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है।


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