Khesari lal: लिट्टी-चोखा बेचने और भैंस चराने से लेकर चोरी तक की है इस एक्टर ने!

कहते हैं मजबूरी और गरीबी इंसान से कुछ भी करवा सकती है, फिर चाहे वो कोई भी काम हो। कुछ ऐसा ही हुआ था भोजपुरी के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के साथ।
जी हां, बेशक, आज खेसारी लाल यादव भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार हैं लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उनकी राहें आसान नहीं रही। वे खूब गरीबी में पले बढ़े हैं। अपनी गरीबी के दिनों को याद करते हुए अक्सर खेसारी लाल यादव की आंखों से आंसू छलक आते हैं। खेसारी लाल का जब जन्म हुआ तभी से ही मुसीबतों का पहाड़ उनके ऊपर टूट पड़ा था। वे बताते हैं कि वे सात भाई थे और एक ही पेंट को बदल-बदल कर पहना करते थे। जब उनका जन्म हुआ था तो बारिश की वजह से उनका मिट्टी का घर ढह गया था, इस वजह से उनके परिवार को दूसरे के घर आसरा लेना पड़ा था और इन मुसीबतों के बीच खेसारी लाल का जन्म हुआ था।
एक इंटरव्यू के दौरान, खेसारी लाल ने बताया था कि वे म्यूजिक वीडियो सॉन्ग में पॉपुलर होने से पहले लिट्टी-चोखा तक बेच चुके हैं। यहां तक की शुरुआत में उनकी म्यूजिक एल्बम फ्लॉप होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी थी और चौथी म्यूजिक एल्बम ने उनकी किस्मत पलट दी।
खेसारी अभिनय की दुनिया में आने के लिए कुछ भी कर सकते थे। यहां तक कि उन्होंने अपनी फौजी की नौकरी छोड़कर दिल्ली की सड़कों पर अपनी पत्नी के साथ लिट्टी चोखा तक बेचा है।
भोजपुरी स्टार और सिंगर ने पैसे कमाने के लिए गांव में लौंडा डांस तक किया है। यहां तक की परिवार में हाथ बंटाने के लिए मजदूरी भी की है। खेसारी लाल यादव का बचपन भी बहुत आसान नहीं था। उन्होंने गाय भैंस को पालकर उनका दूध दोहकर भी कमाई की है। एक्स्ट्रा 10 से 20 रुपए कमाने के लिए वे कई बार दूध में पानी तक मिला दिया करते थे ताकि उनकी म्यूजिक एल्बम के लिए पैसे जमा हो सके।
यहां तक कि अपनी भैंसों को चारा डालने के लिए वे सरसों के खेत तो और मकई चुराते थे ताकि भैंसों को खाना खिला सके। खेसारी लाल यादव की इसी मेहनत आज उन्हें इस मुकाम पर लाकर खड़ा किया है। आज वे करोड़ों के मालिक है और एक फिल्म के लिए 40 से 50 लाख रुपए लेते हैं।


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