BPSC Success Story: दुनिया भरोसा करे या ना करे, अगर खुद पर भरोसा है तो इंसान वो काम कर जाता है जो कि काफी मुश्किल होता है। कुछ ऐसा ही हुआ है दिव्या भारती के साथ जिनकी कहानी जानकर आप हैरान होने वाले हैं।
रिपोर्ट्स की मानें तो पिता नहीं चाहते थे कि दिव्या पढ़ाई करें और वो बिहार के उस इलाके से आती हैं जहां पर बेटियों पढ़ाने में तरजीह नहीं दी जाती है। यही कारण है कि दिव्या को इंग्लिष मीडियम में नहीं भेजा गया। हालांकि किसको पता था कि एक दिन हिंदी मीडियम से ही पढ़कर दिव्या सफलता की ऐसी कहानी लिखेगी कि लोग उनका उदाहरण देंगे। बता दें कि दिव्या भारती BPSC में 6 बार फेल हुई लेकिन आखिरी में कुछ ऐसा हुआ जो कि हैरान करने वाला था। फिलहाल वो SDM बन गईं हैं और पूरा इलाका उनकी बात कर रहा है। ये कहानी बताती है कि अगर हौसला है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। इसलिए नहीं पढ़ाना चाहते थे पिता दिव्या भारती के पिता और भाई किसानी करते हैं। वो एक बेटी थी तो उसको ना पढ़ाने का एक कारण ये भी था। इसके अलावा दिव्या भारती के मार्क्स हाईस्कूल में काफी कम आए थे इसलिए पिता नहीं चाहते थे कि वो आगे पढ़े। घरवालों का मानना था कि उसकी शादी हो जाए और वो अपना घर गृहस्थी संभाले जाकर। पापा से काफी गुजारिश करने के बाद उसकी पढ़ाई शुरु हुई और 12वीं में काफी अच्छे मार्क्स लाने के बाद वो पटना आकर पढ़ाई करने लगी थी। उन्होंने ग्रेजुएशन किया और सिविल सर्विस की तैयारी शुरु कर दी। बता दें कि दिव्या लगातार 6 बार फेल हुईं लेकिन 7वीं बार में BPSC परीक्षा 532वीं रैंक लाकर धमाका कर दिया और एसडीएम बनकर बैठ गईं। बिहार से इस तरह की कई कहानियां सामने आ चुकी हैं और सोशल मीडिया पर अक्सर देखा जाता है कि लोग वहां पढ़ाई करके इतिहास रच देते हैं। फिलहाल दिव्या की ये कहानी लोगों को इंस्पायर कर रही है।More Articles