Dolly Javed Struggling Days: उर्फी जावेद अक्सर अपने अतरंगी फैशन सेंस के लिए चर्चा में आती रहती है। लेकिन उनकी छोटी बहन और कंटेंट क्रिएटर डॉली जावेद इस समय ओटीटी शो अलायंस से बाहर हो चुकी है। शो में डॉली का बहुत ही बेबाक अंदाज देखने के लिए मिला। हालांकि शो में कुशाल टंडन की स्ट्रैटेजी के कारण वह बाहर हो गई।
शो से बाहर आने के बाद सिद्धार्थ कनन के साथ एक इंटरव्यू के दौरान डॉली जावेद ने अपने बचपन के मुश्किल दोनों को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उनकी मां को छोड़ दिया था और इसके बाद उनके परिवार ने काफी आर्थिक समस्याओं का सामना किया। उनके पास खाने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे और खाना पकाने के लिए घर में गैस चूल्हा भी नहीं था। डॉली ने इस पर बात करते हुए कहा कि "हमारे पास में इतने पैसे भी नहीं हुआ करते थे कि कल का खाना कहां से आएगा। मेरी मां रोती रहती थी और सोचती थी कि उनके पास ₹100 भी नहीं है। तो कल का खाना कहां से आएगा और सुबह की चाय बनाने के लिए दूध कैसे आएगा।" डॉली ने इस पर आगे बात करते हुए कहा कि "हमारे पास में कुछ भी नहीं हुआ करता था। खाना बनाने के लिए घर में गैस भी नहीं थी क्योंकि तब पैसे नहीं थे। खाना कैसे आएगा और खाना बनेगा कैसे यह भी नहीं पता होता था। उन्होंने एक वक्त पर स्कूल जाना बंद कर दिया था क्योंकि स्कूल की फीस देने के लिए नहीं हुआ करती थी।" उन्होंने आगे बात करते हुए बताया कि "मेरी मम्मी ने सोने की ज्वेलरी बेच दी थी। जिससे कि उनकी स्कूल की फीस भरी जा सके। बिजली काटने के लिए लोग आ जाते थे क्योंकि बिजली का बिल भी नहीं भरा गया था। फिर हमने घर के बेड्स को पैसों के लिए बेच दिया। घर की अलमारियां बेच दी थी क्योंकि कुछ भी नहीं था।" डॉली ने बताया कि "जब उर्फी और उरूसा कमाने लग गई थी तो पैसे आने लग गए थे। दोनों बहनों की कमाई से घर चलने लगा था।" उर्फी ने कभी भी उन्हें किसी बात का ताना नहीं मारा। उर्फी की वजह से ही उनकी जिंदगी बदल गई।डॉली ने बचपन में झेली कंगाली
स्कूल की फीस भरने के लिए मां ने बेचे जेवर
उर्फी की वजह से बदली जिंदगी
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