Dara Singh Career And Life: रामानंद सागर की रामायण का हर एक किरदार आज भी लोगों के दिलों दिमाग में बसा हुआ है। आज भी इस शो के कलाकार लोगों के पसंदीदा है। इस शो में एक ऐसे कलाकार भी थे, जिन की कद काठी से लेकर फौलादी शरीर के सामने बड़े-बड़े लोगों के भी छक्के छूट जाते थे। 6 फीट 2 इंच का कद और 127 किलो के भारी भरकम शरीर वाले इस व्यक्ति ने एक मिसाल कायम की।

Advertisement

14 साल की उम्र में हो गई थी शादी

सिर्फ 14 साल की उम्र में उनकी शादी बच्चू कौर के साथ में हो गई थी और तब वह खुद भी एक बच्चे हुआ करते थे। शादी के 3 साल बाद 17 साल की उम्र में वह पिता बन गए थे। जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा तो शुरुआत में हसीनाएं उनके साथ में काम करने से असहज होती थी। लेकिन आगे चलकर उन्होंने एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया था जिससे कि वह दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गए थे।

Advertisement

रिंग में किया था बड़ा कारनामा

दरअसल हम बात कर रहे हैं रामानंद सागर की रामायण में बजरंगबली का किरदार निभाने वाले दारा सिंह की। उनका जन्म पंजाब के धरमूचक गांव में हुआ था। वह एक्टर बनने से पहले एक इंटरनेशनल रेसलर थे और अखाड़े के 500 मुकाबले में उन्होंने कभी शिकस्त नहीं देखी। एक वक्त पर तो उन्होंने रिंग में 200 किलो वजन वाले रेसलर किंग कोंग को भी हवा में उठाकर फेंक दिया था। इसके बाद में उन्हें रुस्तम ए हिंद का भी ख़िताब मिल गया था।

Advertisement

काजू-बादाम खिलाने के लिए हायर किए हुए थे दो लोग

बचपन से ही दारा सिंह का शरीर आम बच्चों से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ करता था और उनकी डाइट भी उसी तरीके की थी। वह रोजाना डाइट में 2 लीटर दूध से लेकर आधा किलो मटन और बहुत सारे सूखे मेवे भी खाया करते थे। शूटिंग के सेट पर उन्होंने दो आदमी सिर्फ इसीलिए हायर कर रखे थे जिससे कि वह समय-समय पर उन्हें काजू और बादाम खिला पाएं। अखाड़े और स्क्रीन पर तो वह जितने खूंखार नजर आते थे असल जिंदगी में वह बहुत ही ज्यादा कोमल और मस्त मौला इंसान हुआ करते थे।

Advertisement

60 साल की उम्र में मिला था हनुमान का किरदार

80 के दशक में जब रामानंद सागर ने रामायण को बनाने का सोचा था तो हनुमान जी के किरदार के लिए उन्होंने दारा सिंह का ही नाम चुना था। इससे पहले भी दारा सिंह ने मेथेलॉजिकल फिल्मों में भी से लेकर भगवान शिव और बजरंगबली का किरदार निभाया था। लेकिन इस बार वह इसमें हनुमान का किरदार निभाने के लिए थोड़ा झिझक रहे थे।

Advertisement

दारा सिंह ने हनुमान के रोल के लिए कर दिया था इंकार

जब रामानंद सागर ने उन्हें कॉल किया था तो दारा सिंह ने अपनी उम्र को बहाना बना दिया और रोल करने से इनकार कर दिया था। लेकिन रामानंद सागर ने भी जिद पकड़ ली थी और आखिरकार बाद में दारा सिंह को ही इस रोल के लिए फाइनल किया गया था।

Advertisement

बजरंगबली का किरदार निभाने के लिए झेली समस्याएं

दारा सिंह की हिंदी और संस्कृत काफी ज्यादा कमजोर हुआ करती थी। लेकिन वही रामायण के ज्यादातर डायलॉग संस्कृत में थे और इसी वजह से उनके सभी डायलॉग को बाद में एक डबिंग आर्टिस्ट से डब करवाया गया था। हनुमान का गेटअप लेने के लिए भी उन्हें रोजाना चार घंटे का वक्त लगता था। वह रोजाना आधा किलो मीट खाते थे लेकिन जब उन्होंने हनुमान का किरदार निभाया तो वह पूरी तरीके से शाकाहारी बन गए।

दारा सिंह ने की थी दूसरी शादी

दारा सिंह की दूसरी शादी सुरजीत कौर के साथ में हुई थी जिनसे उन्हें बेटे विंदू दारा सिंह हुए। विंदू ने खुद बताया था कि उनके पिता इस किरदार में पूरी तरह डूब गए थे कि रोजाना सुबह उठकर 1 घंटे तक हनुमान के किरदार के लिए प्रैक्टिस किया करते थे और शूटिंग से लौटने के बाद भी कई बार अपना मेकअप नहीं उतारते थे। कई बार तो नींद में भी वह हनुमान के डायलॉग बोलते रहते थे। फिर उनकी पत्नी उन्हें जगा कर याद दिलाती थी कि वह सेट पर नहीं है बल्कि सो रहे हैं और घर पर हैं।