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ये है मोहब्बतें- प्यार..ड्रामा..इमोशन सारे मसाले भरपूर तो ये तो होना ही था !

Written By: Shweta
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ये है मोहब्बतें में सबकुछ क साथ हो रहा है और इतने तेजी के साथ हो रहा है कि किसी को समझ में ना आए कि आगे क्या क्या और हो सकता है।

जी हां अब देखिए सीलियल ने लीप लिया और फटाफटा कहानी यहां तक पहुंच गई की रमन को पता चल गया कि इशिता जिंदा है तो रूही भी इंडिया आ गई और सबको अब ये भी पता चल गया कि रूही जिंदा है।

[ये है मोहब्बतें..रमन-इशिता को जोर का झटका]

अब रूही जिंदा है तो सब खुश तो हुए लेकिन सभी को ये पता चल गया रूही अब वो रूही नहीं रही जिसे इशी मां, पापा, दादा, दादी सब चाहिए होते थे हमेशा बल्कि उसे अब ना इशी मां चाहिए ना पापा।

ये जानकर इशिता को झटका लगा है कि पूरे परिवार को अब समझ नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें।इशिता को चाहिए रूही और रूही को नहीं चाहिए इशी मां।

रूही ने निकाली भड़ास

रूही ने निकाली भड़ास

रूही ने जमकर इशिता और शगुन पर अपनी भड़ास निकाली और होटल से चले जाने के लिए कहा ।इसके बाद रमन और इशिता दोनों को समझ में आता है कि नीधि ने जहर उसके दिमाग में भर दिया।

नहीं पड़ता फर्क

नहीं पड़ता फर्क

इशिता और रमन रूही के सामने गिड़गिड़ाते रहते हैं लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ता । उसे इशी मां या पापा किसी से कोई मतलब नहीं होता।

रोमी से गुजारिश

रोमी से गुजारिश

इशिता रोमी को कहती है कि रूही उसकी बात मानती है तो उसे मनाकर लेकर आए। इसके पहले कि रोमी कुछ बोलता रमन रोमी को झूठे दिलासे देने से मना कर देता है।

अब रोमी की बारी

अब रोमी की बारी

रमन और रोमी के खास नहीं बनती और रोमी रमन को अच्छा खासा झाड़ देता है कि उसने 7 साल पहले इशिता को इतना सुनाया कि वो घर छोड़कर चली गई और रूही भी जिंदा होते हुए किसी को पता तक नहीं चलने दी की वो जिंदा है।

चुपचाप लौटे घर

चुपचाप लौटे घर

रमन, इशिता,आदि सभी चुपचाप घर लौट आते हैं जहां सब पहले से रूही का इंतजार कर रहे होते हैं। सभी को झटका तो लगता ही है और साथ ही इशिता अपनी अंदर का सारा गुबार निकाल देती है।

बेचारी इशिता

बेचारी इशिता

अब आ सोच सकते हैं जिसमें इशिता की जान बसती है अगर वही इशिता को मां मानने से मना कर दे तो इशिता का हालत क्या होगी।कुछ ऐसा ही होता है। इशिता यहां तक बोल देती है कि आज से मैं सच में बांझ हो गई।

बेहोश हुई इशिता

बेहोश हुई इशिता

इशिता बेहोश हो जाती है और सब टेंशन में। रमन को तो समझ में ही नहीं आता कि हो क्या रहा है और उसे करना क्या चाहिए।

रूही से कम कुछ नहीं

रूही से कम कुछ नहीं

इशिता बेहोशी में भी रूही रूही बोलते रहती है और उसे रूही चाहिए होती है।टिपिकल फिल्मी स्टाइल में डॉक्टर भी रूही को बुलाने की सलाह देता है।

रूही को मतलब नहीं

रूही को मतलब नहीं

इधर रमन बार बार कॉल करते रहते है लेकिन रूही को कोई फर्क नहीं पड़ता और वो रमन का कॉल नहीं लेती है।

पीहू का आइडिया

पीहू का आइडिया

अब इस विकट परिस्थिति में कोई और नहीं पीहू के दिमाग में आइडिया आता है जो वो मणी को बताती है। मणी भी तुरंत राजी हो जाता है।

आगे क्या

आगे क्या

आगे सीरियल में क्या होना है ये कुछ अलग नहीं है। वही होगा जो आप भी समझ सकते हैं। जी हां पीहू के चलते भले इशिता से रूही नाराज हो लेकिन पीहू के कहने पर वो इशिता से मिलने भी आएगी।

English summary
Ishita is in mental trauma after she realized that Ruhi does not consider her mother.
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