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समीक्षा- पैसे की बर्बादी है 'डेविड'

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फिल्‍म- डेविड
कास्‍ट- नील नितिन मुकेश, विक्रम, विनय वरमानी, लारा दत्‍ता, तब्‍बू, ईशा शरवानी, रोहिणी हटांगड़ी और मिलिंद सोमन।
निर्देशक- बिजॉय नांबियार।
निर्माता- बिजॉय नांबियार।
संगीत- अनिरुद्ध रविचंदर, सौरभ रॉय, मिकी मैकक्लियरी, रीमो फरनांडीज़, मातिबानी।

फिल्‍म शैतान से लोगों का दिल दहलाने वाले निर्माता निर्देशक बिजॉय नाबिंयार की एक और प्रस्‍तुति डेविड सिनेमाहॉल के परदों पर आ गई है। तीन व्‍यक्तियों पर आधारित इस थ्रिलर ऐक्‍शन मूवी में तीनों का नाम डेविड है। यह फिल्‍म तमिल में भी आज रिलीज हुई है। फिल्‍म का खास प्रोमोशन नहीं होने की वजह से फर्स्‍ट डे फर्स्‍ट शो के टिकट भी पूरे नहीं बिक सके। फिल्‍म देखकर बाहर निकले दर्शकों की भी मिली जुली राय है।

समीक्षा से पहले बात करते हैं फिल्‍म की स्‍टोरी की। स्‍टोरी में तीन डेविड हैं, जो दुनिया के तीन अलग-अलग स्‍थानों पर रहते हैं। खास बात यह है कि तीनों का समय भी एक नहीं है। एक की कहानी लंदन में 1975 की है, तो दूसरे की 1999 में मुंबई की तो तीसरे की 2010 में गोवा की।

पहला डेविड- जिसकी आयु तीस वर्ष की है और वो इकबाल घानी के लिये काम करता है। इकबाल एक माफिया डॉन है, जिसका रैकेट कई एशियाई देशों में फैला है। इसके साथ जुड़ने के बाद डेविड के जीवन में कई बदलाव आते हैं।

दूसरा डेविड 1999 में मुंबई में एक क्रिश्चियन फैमिली का है और उसकी उम्र 19 साल है। वो एक म्‍यूजीशियन है। लेकिन उसका परिवार राजनीति का शिकार हो जाता है। वहीं तीसरा डेविड 40 साल का है और गोवा में रहता है। यह एक मछुवारा है और वो गूंगी-बहरी रोमा से बहुत प्‍यार करता है। लेकिन रोमा की शादी पीटर से तय हो जाने पर वो परेशान हो जाता है। तीन अलग-अलग भागों में दिखाई गई फिल्‍म में 70, 80 के दशकों के साथ वर्तमान परिवेश में लोगों को दर्शाया गया।

फिल्‍म का कॉन्‍सेप्‍ट अच्‍छा था, लेकिन ठीक से फिल्‍माया नहीं जा सका। फिल्‍म काफी थकी हुई है। यहां तक कई जगह आपको नींद आने लगेगी। इस फिल्‍म में विक्रम और ईशा शरवानी का पार्ट तो बहुत ही खराब है। गोवा की कहानी का तो कोई कनेक्‍शन ही न‍हीं था फिल्‍म से। कुल मिलाकर फिल्‍म कहीं से भी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल नहीं हो पायी।

अभिनय

नील नितिन मुकेश का अभिनय कुद हद तक ठीक-ठाक रहा, वहीं लड़कियों में ईशा शरवानी की ऐक्टिंग अच्‍छी रही। मुकेश और विनय को कुछ हद तक ठीक-ठाक कहा जा सकता है। बाकी की ऐक्टिंग खास इंपैक्‍ट नहीं डाल पायी। हां रोहिणी हटांगड़ी की ऐक्टिंग का किसी से जोड़ नहीं मिला। एक थिएटर आर्टिस्‍ट और मंझी हुई अदाकारा होने के चलते उनसे कोई मुकाबला नहीं कर सका।


सौंदर्य के मामले में ईशा और मोनिका डोगरना बहुत आकर्षक लगी हैं। कुल मिलाकर अगर आप हमसे पूछेंगे कि फिल्‍म देखने जायें? तो हमारा जवाब नहीं होगा, क्‍योंकि अंधेरे सिनेमा घर में बोरियत के पल बिताना सिर्फ पैसे की बर्बादी ही है।

Topics: नील नितिन मुकेश, डेविड, फिल्‍म समीक्षा, ईशा शरवानी, film review, david, neil nitin mukesh
English summary
Bollywood's one of the most innovative filmmakers Bejoy Nambiar is back with his latest offering David with star cast Neil Nitin Mukesh, Vikram, Isha Sharvani, Tabu. Read its review.

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