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फिल्म रिव्यू- हंसाएगी भी और रुलाएगी भी ये बर्फी

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फिल्म रिव्यू- हंसाएगी भी और रुलाएगी भी ये बर्फी
अनुराग बसु ने अब तक अपने करियर में कई रियैलिटी बेस्ट फिल्में बनाई हैं और कहा जाता है कि बॉलीवुड में अनुराग जिस तरह अपने किरदारों को पर्दे पर उतारते हैं वैसा कोई और नहीं कर सकता। एक दूसरे की कमियों के साथ उन्हें स्वीकार करना और बिना उम्मीद के उन्हें प्यार करना ही बर्फी फिल्म का बेस है। जब भी बॉलीवुड में किसी बीमारी से ग्रस्त किरदारों पर फिल्म बनाई जाती है तो निर्दे्शक के लिए ये बहुत ही मुश्किल होता है कि दर्शक उसके प्रति दया नहीं बल्कि प्यार का भाव जताएं। लेकिन अनुराग बसु ने बर्फी के जरिये ये कर दिखाया।

इस फिल्म को देखने के बाद आपको इसके किरदारों पर तरस नहीं बल्कि प्यार आएगा। और जैसा कि रणबीर कपूर का मानना है कि शायद इस फिल्म को देखने के बाद आपको जिंदगी जीने का एक नया तरीका आ जाए। इसके किरदार बिना कुछ बोले और बिना अपने एहसासों को लफ्जों में ढ़ाले भी जिंदगी के हर एक पल को बड़ी ही खूबसूरती और प्यार से जीते हैं।

कहानी- दार्जलिंग और कोलकाता में शूट हुई इस फिल्म की पूरी कहानी फ्लैशबैक में चलती है। बर्फी कहानी है मर्फी (रणबीर कपूर) की जो की गूंगा और बहरा है। मर्फी को प्यार से लोग बर्फी बुलाते हैं। ये कहानी श्रुती (इलियाना डी क्रूज) और मर्फी के आस पास के लोगों द्वारा सुनाई जाती है।

बर्फी एक बहुत ही सच्चा और ईश्वर पर विश्वास रखने वाला इंसान है जो कि अपनी जिंदगी को किंगसाइज और प्यार से जीने में विश्वास रखता है। चाहे कोई भी मुश्किल आ जाए बर्फी कभी भी गुस्सा या नाराज नहीं होता। वो एक दिन श्रुती से मिलता है और उसे पसंद करने लगता है। श्रुती अपने माता पिता के साथ दार्जिलिंग रहने आई होती है। लेकिन श्रुती की शादी पहले ही उसके कॉलेज के दोस्त से फिक्स हो चुकी होती है।

फिर एक दिन बर्फी की मुलाकात झिलमिल (प्रिंयका चोपड़ा) से होती है। जो कि ऑस्टिम से ग्रस्त होती है। झिलमिल को उसके माता पिता दुनिया से छुपा के रखते हैं और उसे तब बाहर की दुनिया दिखाई देती है जब उसे माता पिता दार्जलिंग में रह रहे उसके दादा-दादी से जायदाद में शेयर मांगने जाते हैं। एक तरफ जहां झिलमिल के माता पिता के लिए झिलमिल को संभालना मुश्किल होता है वहीं दूसरी तरफ बर्फी के लिए झिलमिल को संभालना बहुत ही आसान होता है। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं और उनका रिश्ता बहुत ही गहरा हो जाता है।

अभिनय- बर्फी फिल्म में हर किरदार ने अनोखा ने परफॉरमेंस दिया है। प्रिंयका चोपड़ा और रणबीर कपूर ने ये साबित कर दिया कि किरदार चाहे कोई भी हो इनके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं। अपने किरदार के साथ दोनों ने पूरा न्याय किया है। गूंगे बहरे के किरदार में रणबीर ने ऐसी एक्टिंग की है कि बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टरों में उनका नाम भी शामिल हो गया है।

प्रियंका के एक्सप्रेशन और उनका अंदाज फिल्म के खत्म होने तक दर्शकों को अपने साथ बांधे रखता है। इलियाना डी क्रूज ने पहले ही साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक्टिंग प्रतिभा को साबित कर दिया है और बर्फी में भी उनकी एक्टिंग अप टू द मार्क रही है। बर्फी में इलियान बहुत खूबसूरत और कॉन्फिडेंट नजर आई हैं।

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English summary
Barfi, directed by Anurag Basu is undoubtedly one of the best and intelligent films to be churned out in a long time. Accepting oneself with all shortcomings, loving each other and smiling your way all the way upto the finish line - this is how one can describe Barfi.

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