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REVIEW: स्वरा भास्कर की दमदार अदाकारी+ तगड़ी कहानी.. ये है 'अनारकली ऑफ आरा'

अविनाश दास की फिल्म अनारकली ऑफ आरा रिलीज हो चुकी है। जानिए फिल्म की पूरी समीक्षा और हमने फिल्म को दिए हैं कितने स्टार।

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3.0/5

फिल्म - अनारकली ऑफ आरा
स्टारकास्ट -स्वरा भास्कर, पंकज त्रिपाठी, संजय मिश्रा, इश्तियाक आरिफ़ खान
डायरेक्टर - अविनाश दास
प्रोड्यूसर - प्रिया कपूर, संदीप कपूर
लेखक - अविनाश दास
शानदार पॉइंट -स्वरा भास्कर, फिल्म का विषय
निगेटिव पॉइंट - फिल्म में थोड़ा और कसाव होता तो शायद फिल्म और असरदार होती

प्लॉट

'बिहार की दुल्हरी' अनारकली (स्वरा भास्कर) आरा में एक ऑरकेस्ट्रा सिंगर है जो अपने लटको झटकों से भीड़ को बेकाबू कर देती है। लेकिन अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर अडिग है। फिल्म में एक प्वाइंट पर ये भी दिखाया गया है कि वो सती सावत्री नहीं है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि कोई भी उसकी मर्जी के बिना कुछ कर सकता है। युनिवर्सिटी का वाइस चांसलर और उसका फैन धर्मेंद्र चौहान (संजय मिश्रा) ऑडियंस के सामने उसके साथ छेड़छाड़ करता है। उसके इस घिनौने काम के बाद अनारकली उसे पूरी पब्लिक के सामने थप्पड़ मारती है और पुलिस में शिकायत दर्ज करती है।

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बदकिस्मती से चौहान अपनी ताकतों का प्रयोग कर उसे ही गलत केस में फंसा देता है। यहां तक की वो अपने आदमियों को भी उसे परेशान करने के लिए भेजता है। क्या वो वापस अपनी जिंदगी की नई शुरूआत कर पाएगी, चौहान को सबक सिखा पाएगी? पूरी फिल्म इसी के इर्द गिर्द घुमती है।

डायरेक्शन

डेब्यू डायरेक्टर अविनाश दास की तारीफ की जानी चाहिए कि इतने संवेदनशील मुद्दे को उन्होंने अच्छे से दिखाया है। ये काफी बड़ी चुनौती होती है कि ऐसी फिल्मों में स्थिति के साथ ऐसे डायलोग दिए जाएं कि कुछ अश्लील ना लगे। और अविनाश दास ये करने में सफल रहे हैं। अनारकली ऑफ आरा फिल्म के नैरेशन में इतना समय लेती है कि फिल्म थोड़ी हल्की हो जाती है ये फिल्म की कमजोर कड़ी है। इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी धीमी हुई है लेकिन स्वरा भास्कर ने इतनी शानदार एक्टिंग की हैं कि फिल्म जो थोड़ी बहुत गलतियां हैं वो आप भूल जाएंगे।

परफॉर्मेंस

स्वरा भास्कर अनारकली ऑफ आरा के रोल में एक बार फिर अपने एक्टिंग टैलेंट को दिखाने में कामयाब रही हैं। फिल्म में इस तरह के देसी इरॉटिक परफॉर्मर अंदाज के साथ बोल्ड कैरेक्टर दिखाना आसान नहीं होता। लेकिन स्वरा भास्कर फिल्म में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहती हैं। वो स्मोकिंग करती है, पान खाती है और धड़ाधड़ गालियां देती है। पंकज त्रिपाठी भी अपने रोल में बेहतरीन लगे हैं तो संजय मिश्रा विलेन के तौर पर, इश्तियार आरिफ जो देश की खातिर फिल्म की हिरोइन की मदद करते हैं, सभी फिल्म में बेहतरीन लगे हैं।

तकनीकी पक्ष

अनारकली ऑफ आरा काफी महिला सशक्तिकरण पर ठीक उसी तरह बात करती है जैसे पिछले साल अमिताभ बच्चन की पिंक। बस इस बार फिल्म एक छोटे जगह को लेकर ना कि किसी मेट्रो सिटी को लेकर। यहां महिला उतनी पढ़ी लिखी नहीं है लेकिन वो अपने हक के लिए लड़ सकती है। फिल्म के डायलोग फिल्म का बेस बनाते हैं और साथ एडिटिंग भी बेहतरीन की गई है। सिर्फ नैरेशन अगर और अच्छी रहती फिल्म और बेहतरीन हो सकती थी।

म्यूजिक

फिल्म के गाने फिल्म के हिसाब से हैं। बादाम जिए दे गारी एक बेहतरीन ठुमरी है तो वहीं सोनू निगम की मन बेकैद हुआ भी बहुत ही प्यारा गाना और बाकी गाने नारकली के कैरेक्टर के हिसाब से डाले गए हैं जो फिल्म के साथ सटीक बैठते हैं।

Verdict

फिल्म में एक लाइन है "आज या तो आर पार या होगा..नहीं हम तो आरा की अनारकली नहीं समझे" अनारकली (स्वरा भास्कर) एक बेहतरीन मैसेज भी देती हैं कि किसी के काम के कारण हमें उसके बारे राय नहीं बना लेनी चाहिए। अनारकली ऑफ आरा आप बिल्कुल देखने जा सकते हैं।

English summary
Anaarkali of Aarah Directed by Avinash Das, featuring Swara Bhaskar
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