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'मैं खुद को कोसता हूं कि मैंने फिल्म मेकिंग क्यों चुना'

हाल में विशाल भारद्वाज एक लीडिंग मीडिया एजेंसी से बात के दौरान कई बातें की । अब भी पढ़िए उनके बारे में।

Written by: Shweta
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विशाल भारद्वाज पहले म्यूजिक कंपोजर थे फिल्म फिल्म मेकर बने वो भी बहुत ही अच्छे फिल्म मेकर। हाल में एक लीडिंग न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कई बातें की जो काफी मजेदार थी। उन्होंने हर पहलू पर खुलकर बात किया।

विशाल भारद्वाज ने इस बातचीत के दौरान कहा कि मैं फिल्म बनाना शुरू तो करता हूं लेकिन जैसे ही फिल्म आधी बनती है मैं खुद को कोसने लगता हूं कि मैने फिल्म मेकिंग क्यों चुनी। 300 लोगों को समझाना कि मैं असल में क्या चाहता हूं ये कोई आसान काम नहीं होता।

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इतना ही नहीं उन्होंंने ये भी कहा कि जब फिल्म का प्रोड्यूसर आपको घड़ी दिखाकर कहता है कि अगर टाइम पर शूटिंग खत्म नहीं हुई तो मेरे 20 लाख डूब जाएंगे तब सबसे ज्यादा अकेला महसूस होता है। इसके अलावा भी उन्होंने कई मुद्दों पर बात की।  

मिलती है खुशी

विशाल भारद्वाज ने इसके बाद कहा कि खुशी तब मिलती है जब आपकी शूटिंग पूरी हो जाती है और एडिटिंग का समय आता है। 8 मिनट के सीन को काटकर जब 4 मिनट करना होता है तब लगता है कि जहां 5 कदम लेने थे हमने 8 लिए और खुशी मिलती है। 

विशाल भारद्वाज

विशाल भारद्वाज शेक्सपियर के नाटकों पर फिल्म बनाने के लिए पॉपुलर हाैं और उनकी हर फिल्म कमाल करती है। 

म्यूजिक कंपोजर

 विशाल भारद्वाज ने छोटे परदे से करियर की शुरूआत की। द जंगल बुक, एलिस इन वंडरलैंड के बाद गुलजार ने उन्हें खुद की निर्देशित फिल्म माचिस में संगीत देने का मौका दिए। इसके बाद विशाल भारद्वाज ने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा। उन्हें सत्या और डेढ़ इश्किया के लिए राष्ट्रिय पुरस्कार भी मिल चुका है।

राइटर

विशाल भारद्वाज ने कई फिल्मों की पटकथा खुद ही लिखी है।अपनी निर्देशित हर फिल्म का स्क्रीनप्ले वो खुद ही लिखते हैं।

 

 

डायरेक्टर

विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी पहली फिल्म मकड़ी थी।उसके बाद उन्होंने शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ पर मकबूल बनाई।ओंकारा के लिए भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उनके डायरेक्शन में बनी कोई फिल्म ऐसी नहीं है जिसे वाहवाही ना मिली हो

 

 

सिंगर

विशाल भरद्वाज अपनी कई फिल्मों के लिए खुद ही गा भी चुके हैं। सात खून माफ, कमीने,हैदर, मटरू की बिजली का मन डोला में वो अपनी गाने भी गा चुके हैं।

 

 

प्रोड्यूसर

विशाल भारद्वाज अपनी निर्देशित फिल्मों को प्रोड्यूस भी खुद ही करते हैं। तलवार, इश्किया,डेढ़ इश्किया, एक थी डायन जैसी फिल्मों को भी उन्होंने प्रोडेयूस किया लेकिन डायरेक्ट नहीं किया।

English summary
Vishal Bhardwaj recently to a leading news agency that i curse my self for choosing film making, know why.
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