»   » #Demand: एक फिल्म...4 सुपरस्टार्स...रिलीज़ के पहले....पूरी फिल्म बदलो!

#Demand: एक फिल्म...4 सुपरस्टार्स...रिलीज़ के पहले....पूरी फिल्म बदलो!

Written by:
Subscribe to Filmibeat Hindi

शाहिद कपूर की उड़ता पंजाब को लेकर सेंसर बोर्ड की डिमांड दिन पर दिन अजीब ही होती जा रही है। हमने आपको पहले ही बताया था कि फिल्म के लिए 40 कट मांगे गए हैं ए सर्टिफिकेट के बाद।

अब फिल्म को लेकर कर दी गई है बिल्कुल ही नाजायज़ डिमांड। फिल्म ट्रिब्यूनल का मानना है कि फिल्म से पंजाब शब्द हटाना पड़ेगा। इतना ही नहीं फिल्म में जो भी कुछ पंजाब से वास्ता रखता हो उसे फिल्म से हटाना होगा।
[सेंसर बोर्ड ऐसा होता तो 'SPERM' बोलना भी...गंदी बात!]

कुछ समझ आया? मतलब पूरी फिल्म बदलो। जब फिल्म का थीम ही है पंजाब में बढ़ रही ड्रग्स की खपत और युवाओं का बर्बाद होता भविष्य तो फिर फिल्म को कैसे पंजाब के बिना दिखाया जाए। 

इस पूरे मुद्दे ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। दरअसल, 2017 में है पंजाब के इलेक्शन और इस वक्त को राज्य को इतनी बुरी दशा में दिखाना, भाजपा को काफी महंगा पड़ सकता है। 
[पाकिस्तान को इसलिए पसंद आई थी बजरंगी भाईजान] 

अब ऐसे में फिल्म में क्या बचेगा ये तो आप खुद ही सोचिए। फिल्म के प्रोड्यूसर अनुराग कश्यप फिल्म को रिलीज़ करवाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं। उड़ता पंजाब को 17 जून को रिलीज़ होना है जो कि फिलहाल काफी मुश्किल हो लग रहा है।

बस सारा मसला ही यहीं आकर रूक जाता है। जानिए कुछ बेहतरीन फिल्मों को लेकर सेंसर बोर्ड के कारनामे -
 

उड़ता पंजाब

उड़ता पंजाब ड्रग्स पर बनी एक फिल्म है कि कैसे पंजाब में इस कारोबार ने युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है। लेकिन सेंसर बोर्ड चाहता है कि फिल्म दिखाई जाए...बिना पंजाब के...किसी को कुछ समझ आया?

40 कट

फिल्म में शाहिद कपूर एक ड्रग एडिक्ट रॉकस्टार का किरदार निभा रहे हैं। और ड्रग डोज़ के बाद नशे में उनकी गालियों से लेकर ड्रग्स के कश खींचने तक की मदहोशी...कुछ भी सेंसर बोर्ड को रास नहीं आ रही। और इसीलिए फिल्म में 40 कट मांगे गए हैं।

रमन राघव 2.0

इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड ने 6 कट की डिमांड की है। इसमें काफी हिंसा है। जबकि फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का किरदार ही एक बेरहम हत्यारे का है।

गैंग्स ऑफ वसेपुर

अनुराग कश्यप की गैंग्स ऑफ वसेपुर तो काफी समय तक सेंसर बोर्ड पर अटकी रही। फिल्म की भाषा से लेकर कंटेंट तक सब कुछ बोर्ड को नापसंद था। खासतौर से तेरी कह के लूंगा!

कुछ सच नहीं

वहीं बोर्ड का कहना था कि अनुराग कश्यप फिल्म के शुरू में ही सूचना डालें कि सभी पात्र काल्पनिक हैं। जबकि अनुराग का मानना था कि वो ऐसा क्यों करें जबकि उनकी पूरी टीम ने एक एक कैरेक्टर पर पूरी रिसर्च की है और सब असली है।

ब्लैक फ्राइडे

फिल्म इतनी ज़्यादा साफ और मुंहफट थी कि सबके होश ही उड़ गए। 1993 बंबई बम ब्लास्ट पर बनी इस फिल्म ने सब कुछ खोलकर रख दिया था। आज तक फिल्म बैन है और आधिकारिक रूप से रिलीज़ नहीं हुई हालांकि देखी सबने है।

गुलाल

स्टूडेंट पॉलिटिक्स पर बनी इस फिल्म से भी सेंसर बोर्ड को आपत्ति थी। हालांकि थोड़ी मान मनौव्वल के बाद सब ठीक हो गया था।

पांच

अनुराग कश्यप की इस फिल्म को आज तक रिलीज़ नहीं मिली है। हालांकि ये फिल्म भी देखी काफी लोगों ने है।

अगली

इस फिल्म के लिए भी सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी कि सिगरेट पीने के सी पर चेतावनी लिख कर आए। अनुराग ने साफ कहा कि लोग सिगरेट ना पिएं इसकी ज़िम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्रालय की है फिल्म इंडस्ट्री की नहीं।

English summary
Udta Punjab's release condition is totally irrelevant!
Please Wait while comments are loading...

Bollywood Photos

Go to : More Photos