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अगर अजय ने बिहार पर गंगाजल छिड़का तो पंजाब में केवल DDLJ क्यों!

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उड़ता पंजाब को लेकर सेंसर बोर्ड की बचकानी और बेतुकी बयानबाज़ी ने, बेहिसाब कट्स की डिमांड ने अब सबको परेशान करके रख दिया है। और मुद्दा ऐसा जो कि कोई मुद्दा ना हो। जिन्हें ना पता हो, उनकी जानकारी के लिए अनुराग कश्यप की फैंटम फिल्म्स के बैनर तले अभिषेक चौबे ने उड़ता पंजाब नाम की एक फिल्म बनाई।

फिल्म में पंजाब में फैले और पनप रहे ड्रग्स के कारोबार की काली सच्चाई दिखाई और निश्चित तौर पर ये पंजाब की एक अलग तस्वीर लोगों के सामने लाता है जो शाहरूख के सरसों के खेतों के बाहर है।


लेकिन इस बात पर काफी हाय तौबा मचा है कि पंजाब की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। जबकि ये पहली बार नहीं है कि किसी राज्य की समस्या को बेहतरीन ढंग से परदे पर उतारा गया हो। प्रकाश झा की फिल्मों में हमेशा ही बिहार और उसकी समस्याएं अहम मुद्दा रही हैं।


लेकिन जब अजय देवगन अंजुली में गंगाजल लेकर बिहार को पवित्तर कर सकते हैं तो पंजाब की छवि क्यों बस हीर रांझा की प्रेम कहानियों तक सीमित रहे। और अब सोशल मीडिया में इसके खिलाफ आवाज़ उठ चुकी है।


जानिए फेसबुक और ट्विटर पर उड़ता पंजाब कंट्रोवर्सी पर लोगों की बेबाक राय -

पंजाब का मतलब केवल ddlj नहीं

पंजाब का मतलब केवल ddlj नहीं

राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम ने अपने फेसबुक पर टप्पणी लिखी कि किसी भी राज्य की कमियां अगर उजागर की जा रही हैं तो इसमें हाहाकार मचाने की कोई ज़रूरत नहीं है। पंजाब का मतलब केवल दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे नहीं हो सकता।


ऑल इंडिया बकचोद

ऑल इंडिया बकचोद

ऑल इंडिया बकचोद ने एक बार फिर से फिल्म का पोस्टर रिलीज़ किया लेकिन ठीक वैसे ही जैसा कि सेंसर बोर्ड चाहता है।


ये थे पहलाज़ निहलानी

ये थे पहलाज़ निहलानी

पहलाज़ निहलानी जमकर ट्रोल किए गए और एक फैन ने तो उनकी एक फिल्म की ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि ये पहलाज़ निहलानी की ही फिल्म का एक सीन है।


अनुराग कश्यप

अनुराग कश्यप

फिल्म के प्रोड्यूसर अनुराग कश्यप ने कहा कि सेंसर बोर्ड इतना तालिबानी हो चुका है कि उन्हें लगता है कि बाकी सब उनकी प्रजा है। हर बार हर फिल्म के लिए उनका यही नाटक होता है।


आप से लिए पैसे

आप से लिए पैसे

पहलाज़ निहलानी के बारे में बात करते हम थक चुके हैं। एक दूसरी क्लास का बच्चा भी उनसे ज़्यादा समझदारी भरी बातें करता होगा। वरना इतने बड़े सरकारी पद पर बैठा कर्मचारी कभी यह नहीं कहता कि मैंने सुना है कि उन्होंने आप से पैसे लिए हैं। ध्यान दीजिएगा इन्होंने सुना है! शायद बगल वाली चुटकी चाची से!


सेंकी राजनीति की रोटियां

सेंकी राजनीति की रोटियां

वहीं अरविंद केजरीवाल को अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का अच्छा अवसर मिला और उन्होंने कहा भी कि पहलाज़ निहलानी का इस मुद्दे पर 'aap' को खींचना ये साबित करता है कि वो ये सब भाजपा के कहने पर कर रहे हैं।


ज़ोया अख्तर

ज़ोया अख्तर

ज़ोया अख्तर ने भी इस बारे में अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड को केवल फिल्म को सर्टिफिकेट देने का हक होना चाहिए...सेंसर करने का नहीं।


इम्तियाज़ अली

इम्तियाज़ अली

जब वी मेट डायरेक्टर इम्तियाज़ अली ने कहा कि ये सब काफी फ्रस्ट्रेट करने वाली बाते हैं। और क्रिएटिव फैसले कोई भी और कैसे ले सकता है।


पंजाब को तय करने दो

पंजाब को तय करने दो

कपिल शर्मा से लेकर सोहा अली खान तक, कई पंजाब से जुड़े सितारों का कहना है कि जो ये मानता है कि पंजाब का मतलब ड्रग्स नहीं है उसने शायद पंजाब को देखा ही नहीं है।


English summary
Twitter Reactions on Udta Punjab censor board controversy.
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