»   » ...तो सेंसर बोर्ड ने किए 6 कट...रिलीज़ नहीं होगी ये फिल्म?

...तो सेंसर बोर्ड ने किए 6 कट...रिलीज़ नहीं होगी ये फिल्म?

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

अनुराग कश्यप और सेंसर बोर्ड का रिश्ता तो काफी पुराना है। अनुराग कश्यप को वही करना होता है जो सेंसर बोर्ड को नहीं करना होता है और यही कारण है कि उनकी हर फिल्म सेंसर बोर्ड पर जाकर अटक जाती है।

फिर ना अनुराग सेंसर बोर्ड का कहना मानना चाहते हैं और ना ही सेंसर बोर्ड अनुराग कश्यप की बात समझना चाहती है और इन सबके बीच हर बार अनुराग कश्यप की फिल्म कभी महीनों कभी सालों बस अटक कर रह जाती है। 
[सेंसर बोर्ड ऐसा होता तो 'SPERM' बोलना भी...गंदी बात!] 

इस बार ऐसा हो रहा है नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और विक्की कौशल स्टारर रमन राघव 2.0। फिल्म मुंबई के एक सीरियल किलर पर बनी है और फिल्म का विषय बहुत ही ज़्यादा वायलेंट यानि कि हिंसात्मक है। और यही कारण है कि फिल्म में मांगे गए हैं 6 कट।
[बॉलीवुड का B बोले तो बॉम्बे, मुंबई की धड़कन है 'Bombay'] 

वहीं बॉलीवुड के कई दिग्गजों का मानना है कि जब किसी भी फिल्म को चार तरह के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं तो उसके बाद कट करने का क्या मतलब है। अगर फिल्म एडल्ट है तो उसका कंटेन्ट काटने का हक सेंसर बोर्ड का नहीं हो सकता। 

जानिए कब कब अटकी अनुराग कश्यप की फिल्में -
 

रमन राघव 2.0

रमन राघव 2.0

फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड ने 6 कट की डिमांड की है। इसमें काफी हिंसा है। जबकि फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का किरदार ही एक बेरहम हत्यारे का है।

क्यों बिगाड़ें फिल्म

क्यों बिगाड़ें फिल्म

सेंसर बोर्ड की ऊल ज़लूल मांग के कारण कई बार फिल्म में कुछ बचता नहीं है। डायरेक्टर का मानना है कि जब फिल्म ए सर्टिफिकेट है तो कुछ भी काटना मुनासिब नहीं है।

गैंग्स ऑफ वसेपुर

गैंग्स ऑफ वसेपुर

अनुराग कश्यप की गैंग्स ऑफ वसेपुर तो काफी समय तक सेंसर बोर्ड पर अटकी रही। फिल्म की भाषा से लेकर कंटेंट तक सब कुछ बोर्ड को नापसंद था। खासतौर से तेरी कह के लूंगा!

कुछ सच नहीं

कुछ सच नहीं

वहीं बोर्ड का कहना था कि अनुराग कश्यप फिल्म के शुरू में ही सूचना डालें कि सभी पात्र काल्पनिक हैं। जबकि अनुराग का मानना था कि वो ऐसा क्यों करें जबकि उनकी पूरी टीम ने एक एक कैरेक्टर पर पूरी रिसर्च की है और सब असली है।

ब्लैक फ्राइडे

ब्लैक फ्राइडे

फिल्म इतनी ज़्यादा साफ और मुंहफट थी कि सबके होश ही उड़ गए। 1993 बंबई बम ब्लास्ट पर बनी इस फिल्म ने सब कुछ खोलकर रख दिया था। आज तक फिल्म बैन है और आधिकारिक रूप से रिलीज़ नहीं हुई हालांकि देखी सबने है।

गुलाल

गुलाल

स्टूडेंट पॉलिटिक्स पर बनी इस फिल्म से भी सेंसर बोर्ड को आपत्ति थी। हालांकि थोड़ी मान मनौव्वल के बाद सब ठीक हो गया था।

पांच

पांच

अनुराग कश्यप की इस फिल्म को आज तक रिलीज़ नहीं मिली है। हालांकि ये फिल्म भी देखी काफी लोगों ने है।

अगली

अगली

इस फिल्म के लिए भी सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी कि सिगरेट पीने के सी पर चेतावनी लिख कर आए। अनुराग ने साफ कहा कि लोग सिगरेट ना पिएं इसकी ज़िम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्रालय की है फिल्म इंडस्ट्री की नहीं।

बॉम्बे वेलवेट

बॉम्बे वेलवेट

बॉम्बे वेलवेट में भी सेंसर बोर्ड ने कई शब्दों में फेरबदल किया। लेकिन अनुराग कश्यप को थक हार कर मानना पड़ा। हालांकि फिल्म को कोई नहीं बचा पाया!

दिखा दिया संस्कारी पॉर्न

दिखा दिया संस्कारी पॉर्न

MUST READ

ये सीन कटने के बाद, क्या कूल हैं हम 3 बनी 'संस्कारी' पॉर्न कॉमेडी!

Please Wait while comments are loading...