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20 साल के करियर में 2 इंटरव्यू और फिल्में DDLJ, मोहब्बतें और रब ने बना दी जोड़ी!

Written by: Shweta
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बॉलीवुड में आदित्य चोपड़ा का नाम एक ऐसे फिल्मकार के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने अपनी रोमांटिक फिल्मों के जरिये दर्शकों के दिलो पर खास पहचान बनायी ।

21 मई 1971 को मुंबई में जन्में आदित्य के पिता यश चोपड़ा जानेमाने फिल्मकार थे। घर में फिल्मी माहौल होने के कारण आदित्य का भी रूझान फिल्मों की ओर हो गया।आदित्य ने अपने करियर की शुरूआत अपने पिता निर्मित चांदनी.लम्हे और डर जैसी फिल्मों में सहायक निर्देशक के तौर पर की।

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बतौर निर्देशक आदित्य ने अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1995 में प्रदर्शित ब्लॉककबस्टर फिल्म दिलवाले दुल्हिनियां ले जायेंगे से की।इस फिल्म में शाहरूख खान और काजोल की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इस फिल्म के लिये आदित्य सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किये गये।

आदित्य चोपड़ा ने रानी मुखर्जी से शादी की और पिछले ही साल वो एक बेटी के पापा भी बने।आदित्य चोपड़ा ने अपनी फिल्मों के लिए कुछ चीजें पक्की कर रखी हैं और वही है उनकी फिल्मी फंडा।जानिए आप भी।

पहले तकरार फिर प्यार

पहले तकरार फिर प्यार

आदित्य चोपड़ा अपनी फिल्मों में पहले हीरो-हिरोइन का झगड़ा, लड़ाई दिखाते हैं फिर उन्हें समझ आता है कि असल में वो एक दूसरे से प्यार करते हैं।

हर फिल्म में शाहरूख

हर फिल्म में शाहरूख

हर फिल्म में शाहरूख खान का होना सबसे जरूरी है और उनका झूठ या कुछ छिपाना भी जरूरी होता है जैसे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे या मेहब्बतें, रब ने बना दी जोड़ी सब में ये कॉमन है।

झूठ के बदले इनाम

झूठ के बदले इनाम

शाहरूख को हर फिल्म में झूठ बोलने के बाद भी उन्हें कोई सजा नहीं मिलती बल्कि अर्वाड में उन्हें हिरोइन मिल जाती है।

खडूस पापा

खडूस पापा

फिल्म में कुछ हो ना हो पापा का खडूस, परंपरावादी होना बहुत जरूरी है।

चैलेंज लेना पसंद

चैलेंज लेना पसंद

हर फिल्म में हीरो..सीधे बोले तो शाहरूख खान को चैलेंज लेना बहुत पसंद होता है।

आगे पीछे चेक..NO

आगे पीछे चेक..NO

फिल्मों में कोई भी कभी भी आ जाता है और कोई जरूरत भी नहीं समझते जानने की कोन है, किस फैमिली का है कहां से आया।

प्यार अंधा होता है

प्यार अंधा होता है

आदित्य चोपड़ा की फिल्में देखने के बाद सब यही विश्वास कर लेते हैं कि प्यार सच मं अधा होता है।

कुछ भी सीखो

कुछ भी सीखो

अगर फिल्मों में लड़की को पटाना है तो सिंपल है कि लड़की के लिए डांस या गिटार बजाना कुछ भी सीख लो ।

आखिर में सब खुश

आखिर में सब खुश

फिल्म में कोई भी विलेन नहीं होता है और अंत में सब कुछ ठीक हो जाता है।आदित्य चोपड़ा की फिल्मों में कुछ भी कॉमन हो नहीं हो लेकिन उनकी फिल्मों को दर्शक पसंद करते हैं ।

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