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10 Lessons दिल धड़कने दो सिर्फ एंटरेटनिंग नहीं, यूजफुल भी

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जोया अख्तर की फिल्मों में हमेशा ही एंटरेटनमेंट के साथ एक सीख होती है। चूंकि जोया की फिल्में जिंदगी, रिश्तों से जुड़ी होती हैं तो जाहिर है कि इन रिश्तों से जुड़ी कई ऐसी बातें भी जोया अपने किरदारों के जरिये कह जाती हैं जिन्हें अगर आप गंभीरता से लें तो आप भी अपने रिश्तों, जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं।

Twitter Review करन, आमिर ने भी बोला 'दिल धड़कने दो'!

दिल धड़कने दो एक परिवार की कहानी है जिसमें पति पत्नी के अलावा उनके दो बच्चें हैं। बेटी की शादी हो चुकी है लेकिन वो खुश नहीं है और बेटा जो कि बिजनेस में नहीं बल्कि अपने हिसाब से अपना करियर चुनना चाहता है।

3 घंटे की इस फिल्म में रिश्तों में इतनी हेरा फेरी इतनी उलझनें दिखाई गयी हैं कि आप भी सोच में पड़ जाएंगे कि क्या सच में आप जिस रिश्ते को निभा रहे हैं वो वाकई निभाना जरुरी है। या जिस रिश्ते को आप तोड़ना चाहते हैं वो सही है।

आइये जानते हैं मेहरा परिवार क्या शिक्षा देता है हमें रिश्तों को लेकर दिल धड़कने दो में।

प्यार करते हो तो थोड़ी आजादी भी दो

प्यार करते हो तो थोड़ी आजादी भी दो

फिल्म में हर एक रिश्ते के जुडे़ रहने या उसके टूट जाने के पीछे एक ही बात है कि रिश्तों में आजादी बेहद जरुरी है। अगर आजादी नहीं है तो आप अपने रिश्तों को ना ही दिल से निभा सकते हैं और ना ही उसे जिदंगी भर जोड़े रख सकते हैं। रिश्तों को प्यार के साथ आजादी की भी जरुरत होती है।

शादी कोई रेस नहीं जिसे एंड प्वाइंट तक पहुंचना जरुरी है

शादी कोई रेस नहीं जिसे एंड प्वाइंट तक पहुंचना जरुरी है

शादी हो जाने के बाद अक्सर लोग रोते हुए भी और हर पल मन मारकर खुद को खोकर भी शादी को बचाए रखना चाहते हैं। ताकि उन्हें समाज में इज्जत मिल सके। लेकिन असल में शादी कोई रेस नहीं है जिसमें हमें अंत तक पहुंचकर ही रुकना होगा। ये एक सफर है जिसे दो लोग मिलकर तय करते हैं। अगर एक दूसरे के साथ नहीं हैं तो इस सफर को तय करने का कोई मतलब नहीं।

बात करना मुश्किल है लेकिन बात करने से ही रिश्ते सुलझते हैं

बात करना मुश्किल है लेकिन बात करने से ही रिश्ते सुलझते हैं

अक्सर हम अपने दिल की बात को छुपा जाते हैं और बात करने से कतराते है। वक्त ना होने का बहाना बनाते है। लेकिन सच तो ये है कि अगर आप बात ना करें तो रिश्ते उलझ जाते हैं। बात कर लेने भर से कई उलझनें यूं सुलझ जाती हैं।

अपने दिल की बात वक्त रहते कह देनी चाहिए

अपने दिल की बात वक्त रहते कह देनी चाहिए

वक्त रहते अपने दिल की बात दूसरे को कह दें। क्या पता कल वक्त ही ना रह जाए।

हम इंसान जितना चाहें खुद को बदल सकते हैं, बस चाहना जरुरी है

हम इंसान जितना चाहें खुद को बदल सकते हैं, बस चाहना जरुरी है

हम इंसान अक्सर ये शिकायत करते हैं कि हम बदल नहीं सकते क्योंकि हमें आदत नहीं है। लेकिन प्यार में रिश्तों में खुद के लिए हमें बदलना जरुरी होता है।

खुद की पहचान बनानी बेहद जरुरी है

खुद की पहचान बनानी बेहद जरुरी है

रिश्ते हों, या प्यार अपनी एक पहचान होना बेहद जरुरी है। अगर आपके पास अपनी पहचान नहीं है तो आप कुछ भी नहीं कर सकते। एक समय के बाद हर कोई अपनी पहचान के साथ खड़ा होगा और आप अकेले।

हर रिश्ते को एक मौका देना चाहिए

हर रिश्ते को एक मौका देना चाहिए

रिश्ते बोझ बन जाएं तो उन्हें कंधों से उतार देना चाहिए। लेकिन उससे पहले हर रिश्ते को मौका जरुर देना चाहिए। क्या पता मौका देने से कोई रिश्ता बेहतर हो जाए।

मां-बाप बच्चों की लाइफ बोट होते हैं

मां-बाप बच्चों की लाइफ बोट होते हैं

बच्चे अक्सर अपने माता-पिता से झगड़ लेते हैं उनसे दूर होने की कोशिश करते हैं लेकिन सच तो ये है कि मां-बाप ही बच्चों की लाइफ बोट होत हैं। बच्चे जब भी जिदंगी में डूब रहे हों माता-पिता ही उन्हें बचा सकते हैं।

उम्र से प्यार का कोई संबंध नहीं

उम्र से प्यार का कोई संबंध नहीं

आप चाहे 25 साल के हों या 50 साल के। प्यार उम्र नहीं देखता, इसे सिर्फ वक्त और समझदारी की जरुरत होती है फलने फूलने के लिए।

अपनी काबिलियत पहचानें, भेड़ चाल ना अपनाएं

अपनी काबिलियत पहचानें, भेड़ चाल ना अपनाएं

अक्सर बच्चे जो माता-पिता ने कह दिया वो कर लेते हैं। लेकिन सच तो येहै कि हमें अपनी काबिलियत पहचाननी चाहिए। हमें वो करना चाहिए जिसमें हम बेस्ट हैं।

English summary
Zoya Akhtar's Dil Dhadakne Do has started with a good comments. Anil Kapoor, Ranveer Singh, Shefali Shah gets good comments for their performance. Here are few lessons that you will learn from Dil Dhadakne DO.
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