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बाहुबली से टक्कर का तो नहीं पता लेकिन मेरी फिल्म और बाहुबली, दोनों अच्छी हैं!

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2016 में आमिर खान की दंगल के साथ बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस का सफर शानदार तरीके से खत्म हुआ था। फिल्म की स्टारकास्ट के अलावा फिल्म का कंटेंट बहुत ही तगड़ा था। इसलिए 75 करोड़ की फिल्म ने शानदार 380 करोड़ की कमाई की थी।

इसके बाद 2017 में तगड़े कंटेंट के साथ आई बाहुबली 2 जिसने 121 करोड़ की ओपनिंग करते हुए सबका मुंह बंद कर दिया और बॉलीवुड को लगा ज़ोर का झटका।

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इसके बाद दंगल चीन में वापस रिलीज़ हुई और दोनों ही फिल्मों में कुछ दिनों में बॉक्स ऑफिस पर टक्कर होने लगी। आमिर खान से जब पूछा गया कि क्या दंगल बाहुबली को पछाड़ पाएगी तो आमिर ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरी फिल्म को इतना प्यार मिल रहा है।

लेकिन मुझे नहीं लगता कि बाहबुली 2 और दंगल में कोई तुलना की जानी चाहिए। दोनों ही फिल्में अपनी अपनी तरह से शानदार हैं, दोनों ही भारत की फिल्में हैं और दोनों पर ही गर्व करना चाहिए।

आमिर ने ये भी बताया कि अभी तक उन्होंने बाहुबली 2 देखी नहीं है लेकिन उन्होंने सुना है कि फिल्म बहुत ही सफल है और हर कोई फिल्म की केवल तारीफ कर रहा है। शायद आमिर ने बाहुबली के ये NEGATIVE REVIEW नहीं पढ़े।

आमिर ने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि बाहुबली इतनी सफल फिल्म बनी है और भारतीय होने के नाते मुझे फिल्म पर गर्व है।

बज गया है अलार्म

बज गया है अलार्म

वहीं दूसरी तरफ बाहुबली की सफलता के बाद बॉलीवुड में अलार्म बज चुका है। आखिर अपनी इज़्जत बचाने के लिए बॉलीवुड को कुछ चीज़ें तो बदलनी ही पड़ेंगी। जानिए फिलहाल क्यों नहीं बन सकती बाहुबली जैसी ब्लॉकबस्टर

 महंगी फीस

महंगी फीस

सलमान खान से लेकर शाहरूख खान तक और सुशांत सिंह राजपूत से लेकर करीना कपूर तक सबकी फीस अगर आप सुन लेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे। अक्षय कुमार हर दिन का एक करोड़ चार्ज करते हैं तो ऋतिक अपने 40 करोड़ की फीस के बाद, एक भी दिन ज़्यादा शूट करते पर हर रोज़ की फीस लेते हैं!

क्लैश पर क्लैश

क्लैश पर क्लैश

हमारे यहां आजकल वापस से हीरो और हीरो के लड़ने का चलन शुरू हो गया है। बाजीराव मस्तानी और दिलवाले जैसी फिल्मों के लिए तो ये क्लैश बहुत ही घाटे का सौदा रहा है। लेकिन फिर भी हमारे यहां क्लैश बंद नहीं हो रहे हैं।

हर किसी को चाहिए तारीख

हर किसी को चाहिए तारीख

हर स्टार को आजकल छुट्टी या त्योहार चाहिए। अब देश त्योहार ज़्यादा मनाना तो शुरू नहीं कर देगा। नतीजा हो रहा है कि फिल्में कम रिलीज़ हो रही हैं या फिर आगे बढ़ा दी जाती हैं। रईस तो सुलतान के साथ जुलाई 2016 में रिलीज़ होते होते जनवरी 2017 में खिसक गई। लिहाज़ा फिल्म में दर्शकों की दिलचस्पी घट गई।

 कंटेंट कहां है?

कंटेंट कहां है?

आजकल फिल्मों में कंटेंट कम और मसाला ज़्यादा बिक रहा है। जिन फिल्मों में कंटेंट है भी तो भी किसी ना किसी कारण से दर्शक उसे नकार ही देते हैं। पिछले साल अलीगढ़, धनक, वेटिंग जैसी शानदार फिल्मों को दर्शक ही नहीं मिले।

भंसाली को हम पीट देते हैं

भंसाली को हम पीट देते हैं

वास्तव में अगर बाहुबली से तुलना की जाए तो हमारे पास एक ही इंसान है जो हर फ्रेम को खूबसूरती से परदे पर उतारता है। वो है संजय लीला भंसाली लेकिन उन्हें हम आए दिन फिल्में बनाने पर या तो मारते पीटते हैं, या उनका सेट जला देते हैं या उनकी फिल्म बैन करवाने पर तुल जाते हैं।

कितना ज़्यादा मसाला

कितना ज़्यादा मसाला

बाहुबली मसाला, ड्रामा, रोमांस, एक्शन का भरपूर डोज़ थी। लेकिन हमारे यहां हर चीज़ की अति करने की आदत हो जाती है। अगर दबंग बन रही है तो सलमान की शर्ट अपने आप फट जाती है और अगर सिंघम बन रही है तो अजय देवगन की बाईक अपने आप उड़ जाती है।

 स्टारडम पर टिकी हैं फिल्में

स्टारडम पर टिकी हैं फिल्में

हमारे यहां फिल्में स्टार के नाम पर बिक जाती है। इसलिए मोहनजोदड़ो जैसी शानदार फिल्म के लिए आशुतोष गोवारिकर ने कोई रिसर्च करना ज़रूरी नहीं समझा। नतीजा ये हुआ कि फिल्म में दिलचस्पी होने के बावजूद ये फिल्म दर्शकों को ज़्यादा खींच नहीं पाई। जबकि फिल्म के पास ऋतिक रोशन जैसा एक्टर था, मोहनजोदड़ो जैसी तगड़ी स्क्रिप्ट थी और एआर रहमान का म्यूज़िक था।

कितना करोगे प्रमोशन

कितना करोगे प्रमोशन

अगर आप ध्यान से देखें तो बाहुबली को प्रमोट करने ना ही कोई स्टार किसी सीरियल में गया और ना ही फिल्म को लेकर बहुत ज़्यादा प्रमोशन किया गया। फिल्म की केवल सोशल मार्केटिंग बड़े ही ध्यान से की गई। ऐसे में फिल्म की तरफ लोगों का ध्यान गया और इसके बारे में दिलचस्पी बढ़ी।

प्लान करके बनाया गया सीक्वल

प्लान करके बनाया गया सीक्वल

फिल्म का सीक्वल प्लान करके बनाया गया। यानि कि डायरेक्टर को पता था कि उसे फिल्म दो पार्ट में बनानी है। ये नहीं कि दबंग सुपरहिट हो गई तो चलो दबंग 2 बना लेते हैं। ऐसे में फिल्म का आईडिया इतने अच्छे से डेवेलप हो ही नहीं सकता। और ना ही फिल्म सीक्वल लग सकती है।

 एक फिल्म में पांच साल

एक फिल्म में पांच साल

बाहुबली बनाने में पांच साल का समय लगा। इतने में अक्षय कुमार 20 फिल्में कर जाते हैं। तो फिल्में भी अच्छी होने के बावजूद औसत ही रह जाती हैं। वहीं आमिर खान 2 साल लेकर फिल्म बनाते हैं तो वो मेहनत उनकी कमाई में दिखाई देती है।

English summary
Aamir Khan speaks up on dangal and baahubali 2 box office comparisons.
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